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कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े विश्वविद्यालय के हालात

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आगरा। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पांच अगस्त से चल रही कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हालात बिगड़ गए हैं। शासन और कर्मचारियों के बीच कई दफा बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बनी है। इसके चलते डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में कार्य परिषद की बैठक भी नहीं हो सकी। साथ ही लंबित डिग्रियां और मार्कशीट भी जारी करने का काम अवरुद्ध हो गया है। हड़ताल के कारण डिग्री और मार्कशीट के काम पर बड़ा असर पड़ा है। यहां 1999 से 2010 वर्ष तक की बीएचएमएस, एमकॉम और बीएड सहित करीब 80 हजार डिग्रियां पेंडिंग में हैं। मूल्यांकन कार्य, डाटा फीडिंग सहित अन्य काम भी लटके हैं।
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कल होगा ध्वजारोहण
विश्वविद्यालय में 15 अगस्त को कुलपति प्रो. मुजम्मिल ध्वजारोहण करेंगे। शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अरविंद गुप्ता सभी कर्मचारियों से शुक्रवार को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है।

आज भी जारी रहेगी हड़ताल
महासंघ के महामंत्री अरविंद गुप्ता ने बताया कि शासन के साथ प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की वार्ता हुई है। कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है। शासन की ओर से लिखित आदेश का इंतजार है। गुरुवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष हरीश कसाना, रमाकांत शर्मा, खेम सिंह, प्रमोद कुमार, बृजकिशोर शर्मा, बृजेश दधीच, निर्मला दीक्षित, दिनेश कुमार, सुनील श्रीवास्तव, लक्ष्मी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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यह है मुख्य मांगें
- सेवानिवृत्ति के बाद 300 दिनों का अवकाश नगदीकरण प्रदान किया जाए।
- अन्य वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
- राज्य कर्मचारियों की तरह विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा और एलटीसी की सुविधा मिले।
- शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष की जाए।
- अनुबंधित कर्मचारियों का समायोजन किया जाए।
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