आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में पिछले पांच साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को दोबारा उसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। पदोन्नति संबंधी पत्र न मिलने से अब राजभवन की सिफारिश पर पैनल गठित होगा और शिक्षकों का इंटरव्यू होगा। कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल ने प्रक्रिया को जल्द से जल्द संपन्न कराने का भरोसा दिलाया है।
दरअसल, इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस के शिक्षक डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य चार शिक्षकों के प्रमोशन लेटर वर्ष 2009 में आए थे। लेकिन जब शिक्षकों ने पिछले दिनों कार्य परिषद की बैठक में गोपनीय लिफाफे खोलने की मांग की गई तो पता चला वह गुम हो गए हैं। इसके बाद शिक्षकों ने धरना शुरू कर दिया था। इस मामले में मंगलवार को शिक्षकों का पांच सदस्यीय पैनल कुलपति प्रो. मुजम्मिल के पास पहुंचा। कुलपति ने शिक्षकों को नए सिरे से पैनल से इंटरव्यू और जांच कर रही समिति की रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सूत्रों ने बताया कि कुलपति ने दो माह के भीतर इंटरव्यू सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी कराने का आश्वासन दिया है। पीआरओ मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि कुलपति ने जल्द से जल्द नए सिरे इंटरव्यू करवाने की बात कही है।
ऐसे होती है प्रमोशन प्रक्रिया
शिक्षकों के प्रमोशन के लिए राजभवन के निर्देश पर पैनल गठित किया जाता है। यही पैनल शिक्षकों का इंटरव्यू करता है और रिपोर्ट राजभवन को सौंपता है। रिपोर्ट के आधार पर प्रमोशन संबंधी गोपनीय पत्र कुलपति के पास भेजे जाते हैं। यह पत्र कार्य परिषद की बैठक में सभी सदस्यों के सामने खोले जाते हैं।