आगरा। सिकंदरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह रेलवे ट्रैक पर जूता कारीगर की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए रुनकता पुलिस चौकी पर जमकर हंगामा किया। हाईवे जाम करने की भी कोशिश की। देर शाम मृतक के परिजनों की तरफ से अज्ञात में हत्या की तहरीर दी गई है। उसके दोस्त और एक महिला पर हत्या का शक है।
मांगरौल गूजर निवासी संजय उर्फ संजू (29) पुत्र गंगाराम रुनकता स्थित जूता फैक्ट्री में काम करता था। परिजनों ने बताया कि संजू सोमवार रात को चाचा ओमवीर के रुनकता स्थित घर पर चला गया। शाम तकरीबन आठ बजे उसके पास दो युवक आए। दोनों उसके दोस्त बताए जा रहे हैं। संजू उनके साथ चला गया। इसके बाद लौटकर नहीं आया। मंगलवार सुबह आगरा-दिल्ली रेलवे लाइन के पास उसका शव पड़ा मिला। उसके सिर और अन्य भागों पर चोट के निशान हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक का शव मिलने पर परिजनों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए रुनकता पुलिस चौकी पर जमकर हंगामा किया। हाईवे भी जाम करने की कोशिश की। कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई। सीओ हरीपर्वत के जांच के आश्वासन के बाद ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ। एसओ सिकंदरा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर पर भारी वस्तु के प्रहार से चोट लगना आया है। चाकू का निशान नहीं मिला है। पुलिस उसके दोस्त और महिला से पूछताछ कर रही है।
लापरवाही में आठ घंटे पड़ा रहा शव
परिजनों का कहना है कि ट्रैक पर हत्या करके शव फेंका गया था। रात तकरीबन 11:30 बजे एक ट्रेन के चालक ने शव पड़ा देखा। उसने ट्रेन को कुछ सेकेंड के लिए रोका और शव को ट्रैक से किनारे कर दिया। शव पड़े होने की जानकारी नजदीक के गेटमैन को दी। बावजूद इसके जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। इस बात की पुष्टि सुबह रेलवे के एक कर्मी ने की। मगर, नाम बताने से इंकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि अगर, समय रहते घटना का पता चल जाता तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता था। लापरवाही की वजह से आठ घंटे बाद शव सुबह 7:30 बजे उठाया जा सका।