खंदौली। रविवार शाम सर्राफ गोली कांड और होमगार्ड मुकेश उपाध्याय की हत्या के बाद से कस्बे में जबरदस्त तनाव है। ग्रामीण घटना के बाद से सड़कों पर ही जमे हुए हैं। सोमवार को न तो दुकानें खुलीं और न ही सरकारी स्कूल व कालेज ही खोले गए। हालातों का जायजा लेने पुलिस और पीएसी दिन भर फ्लैग मार्च करती रही। दोपहर बाद मुकेश की पोइया स्थित शमशान घाट पर गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई।
बताते चलें कि रविवार की शाम थाना खंदौली के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने लूट के इरादे से सर्राफ आनंद उर्फ बिल्लू पुत्र नंदकिशोर को गोली मार दी। विरोध करने पर नंद किशोर के सिर में तमंचे की बट मारीं। इसी बीच होमगार्ड मुकेश उपाध्याय बदमाशों से भिड़े तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों के दुस्साहस से तमतमाए ग्रामीणों ने न सिर्फ जमकर बवाल काटा बल्कि हाईवे जाम कर थाने में तोड़फोड़ कर डाली। बवाल के दौरान दो बदमाश ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गए। दोनों को मारपीटकर अधमरा कर दिया। सोमवार को घटना से आक्रोशित व्यापारियों के ऐलान पर सुबह से ही बाजार में बंदी का अभूतपूर्व असर दिखाई दिखा।
अंतिम संस्कार का बदला स्थल
होमगार्ड मुकेश का शव खंदौली ब्लाक में लाया गया। यहां अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली गई। सांसद रामशंकर कठेरिया, विधायक धर्मपाल सिंह, पूर्व मंत्री नरायन सिंह सुमन, सांसद एसपी सिंह बघेल, भाजपा के प्रदेश मंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, पूर्व विधायक अनिल चौधरी, सपा नेता बॉबी उपाध्याय समेत कई नेता भी मौजूद थे। अंतिम संस्कार स्थल को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों को समझाया कि सरकारी जमीन पर अंतिम संस्कार करने पर सरकारी मदद नहीं मिलेगी। ग्रामीणों ने भी मृतक के परिवार का हित देखते हुए अंतिम संस्कार पोइया में करने का फैसला किया। दोपहर बाद पोइया में गमगीन माहौैल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कई घंटे बाद आए प्रशासनिक अफसर
ब्लाक में अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों के रुख को देखकर एसपीआरए बबीता साहू ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का इंतजार करते रहे। जब ग्रामीण शव को लेकर पोइया जाने लगे। तब दोपहर ढाई बजे एसडीएम और तहसीलदार पहुंचे। अधिकारियों के इस रुख पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
डटा रहा फोर्स हुआ फ्लैग मार्च
कस्बे में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए एसपीआरए पूर्वी केके यादव, बबीता साहू, सीओ एत्मादपुर अवनीश कुमार, सीओ अखिलेश भदौरिया, सीओ क्राइम विवेक त्रिपाठी, एत्मादपुर, एत्माद्दौैला, खंदौैली का फोर्स और पीएसी बल मौजूद रहा।
एसओ खंदौली समेत पूरा थाना हो सस्पेंड
कस्बे के लोगों की मांग थी कि घटना में लापरवाही बरतने वाले एसओ खंदौली समेत पूरे थाने को सस्पेंड किया जाए। मृतक आश्रित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, घटना का जल्द खुलासा करने और फरार बदमाशों को पकड़ने की मांग की। फिलहाल शासन की ओर से पांच लाख की आर्थिक मदद और पुलिस विभाग के कर्मचारियों का एक दिन का वेतन दिए जाने का आश्वासन दिया गया।
हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज
घटना के संबंध में मृतक होमगार्ड के छोटे भाई धर्मेंद्र उपाध्याय ने उमेश यादव, बीटा उर्फ रंजीत और शेखर के खिलाफ लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शेखर और उमेश को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया।