मैनपुरी। जिला अस्पताल में हृदय रोग के मरीजों के लिए उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते हृदय के मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पिछले ढाई साल से अस्पताल को हृदय रोग विशेषज्ञ की तलाश है। जिले में बड़ी संख्या में लोग हृदय की बीमारियों से पीड़ित हैं। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि के मरीज घर-घर देखे जा रहे हैं, लेकिन जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण इन मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में तो अब हृदय के मरीजों ने आना ही बंद कर दिया है।
यहां केवल ब्लड प्रेशर की माप तो की जाती है लेकिन उन्हें उपचार देने के लिए कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। ढाई साल से जिले को हृदय रोग विशेषज्ञ का इंतजार है। हृदय रोग विशेष की तैनाती न होने के कारण जिले से मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ही रेफर कर दिया जाता है। इसके बाद या तो मरीज सैफई मिनी पीजीआई जाता है या फिर मोटी रकम देकर निजी डॉक्टर के यहां उपचार कराता है। जिले में हृदय रोग के निजी डॉक्टर भी गिने चुने ही हैं। जिससे हर कोई यहां उपचार भी नहीं करा सकता है। जिले के लोगों की मांग को देखते हुए यहां शीघ्र हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती जरूरी है।
हर रोज पहुंचते हैं 20 से 25 मरीज
मैनपुरी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हर रोज 20 से 25 मरीज हृदय रोग से पीड़ित होकर पहुंचते हैं। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इमरजेंसी से ही मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर कर दिया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य मरीज निजी डॉक्टरों के यहां मजबूरी में उपचार ले रहे हैं।
जन प्रतिनिधि भी नहीं करा सके तैनाती
मैनपुरी। हृदय रोग विशेषज्ञ की जिले में मांग चल रही है। सपा सांसद तेजप्रताप यादव व सदर विधायक राजकुमार यादव के साथ ही भाजपा के भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री ने भी शासन से हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए मांग की। कई बार पत्र भी लिखे गए लेकिन आज तक हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की जा सकी।