मथुरा। रेलवे के ड्राइवर अब फॉग सिग्नल डिवाइस के सहारे सुरक्षित ट्रेन चला सकेंगे। फॉग सिग्नल डिवाइस सिग्नल आने से तीन किलोमीटर पहले बता देगी कि आगे सिग्नल लाल है या हरा। मथुरा के 80 ड्राइवरों में से 50 को नई फॉग सिग्नल डिवाइस दी गई हैं।
सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए ड्राइवर को सिग्नल का स्पष्ट दिखना जरूरी है, लेकिन कोहरे में यह संभव नहीं हो पाता। कोहरे में सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए रेलवे के लोको पायलटों को फॉग सिग्नल डिवाइस दी जा रही हैं।
फॉग सिग्नल डिवाइस में लगे सेंसर घने कोहरे में भी तीन किमी पहले से सिग्नल की वर्तमान लोकेशन की जानकारी देंगे और साथ ही यह सूचना भी देंगे, कि सिग्नल लाल है, हरा है या पीला।
फॉग सिग्नल डिवाइस को लोको पायलट रूम में डिवाइस को डैसबोर्ड पर लगाएंगे। मथुरा के 80 लोको पायलट में से 50 को इस तरह की डिवाइस दी गई हैं और डिवाइस के ठीक से चलाने व समझने की ट्रेनिंग दी गई है।