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स्ट्रीट लाइटें खराब, अंधरे में डूबे मार्ग

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एटा। कोहरे की शुरुआत हो गई है। जिसका असर अब रोडवेज से लेकर रेलवे तक दिखने लगा है। बावजूद इसके नगर पालिका अपनी चैन की नींद सोए हुए है। वह न केवल शहर में शाम होने के साथ छाने वाले अंधेरे को लेकर अंजान है बल्कि शहर की सड़कों पर हो रहे गहरे गहरे गड्ढों को लेकर भी उदासीनता बरत रही है। इससे आम आदमी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, शहर में तीन हजार से अधिक प्रकाश बिंदु है, जिनमें से ज्यादातर खराब पड़े हुए हैं। उनमें जीटी रोड से लेकर नगर के गली मोहल्लों की स्ट्रीट लाइट शामिल हैं। आलम यह है कि नगर के 25 वार्डों के साथ साथ पॉश कॉलोनी अरुणा नगर, कैलाशगंज, इंद्रपुरी, सुनहरी नगर आदि में भी स्ट्रीट लाइट खराब है। जहां सूरज छिपने के साथ साथ अंधेरा होना शुरू हो जाता है।
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अंधेरे में ही मना ली दिवाली
आम दिनों की तो बात ही छोड़िए, पिछले दिनों दीपोत्सव का त्योहार भी नगर पालिका की ओर से अंधेरे में ही मना लिया गया। लोगों ने अपनी ही तरफ से अपने अपने घरों के बाहर प्रकाश की व्यवस्था की थी।
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कोहरे में बढ़ जाते हैं हादसे
सर्दी और कोहरे में हादसे बढ़ जाते हैं। अगर ऐसे में जीटी रोड पर भी स्ट्रीट लाइट जगमगाए तो कम से कम कुछ तो हादसों में कमी दर्ज होगी।
अगर पिछले सालों में हुई हादसों पर नजर डाले तो उनमें सड़क पर होने वाले गड्ढे और कोहरा एक बड़ा कारण सामने आया है।


3000 से अधिक है नगर में प्रकाश बिंदु
25 वार्डों में ज्यादातर खराब पड़ी है स्ट्रीट लाइट


ज्यादातर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। देर शाम घर से बाहर निकलने में डर लगता है। इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है।
आशीष कोहली, इंद्रपुरी

दिवाली के मौके पर भी स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं कराई गई है। ज्यादतर स्ट्रीट लाइट खराब है। जीटी रोड हो या फिर कालोनी कहीं भी प्रकाश की व्यवस्था नहीं है।
अमर मिश्रा, अरुणा नगर

नगर में खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने का काम शुरू हो गया है। जिनमें बल्ब नहीं है। उनमें नई एलईडी बल्ब लगाए जा रहे हैं। जल्द ही शहर और जीटी रोड की स्ट्रीट लाइट जगमगाते हुए देखने को मिलेंगी।
मीरा गांधी, पालिकाध्यक्ष, एटा
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