गरजते बादल, बरसरते पानी ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल
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एटा/जैथरा/अलीगंज/जलेसर। शहर में जहां दिनभर बादल घुमड़ते रहे। वहीं देहात में जमकर बरसे। किसान-पशु पालकों के इस मौसम की अच्छी बारिश को देखकर चेहरे खिल उठे। वहीं गिरे तापमान के बाद आम आदमी को राहत मिली। देहात में हुई झमाझम बारिश से खेत जलमग्न हो गए।
पिछले दो दिन से हो रही बूंदाबांदी से जहां आम आदमी को राहत मिली। वहीं देहात में घंटों की बारिश से गली मोहल्ले जलमग्न हो गए। घरों से लेकर खेतों तक पानी ही पानी देखने को मिला। वहीं शहर में रिमझिम होने से जगह-जगह फिसलन हुई। उधर नालों की सफाई न होने से पटियाली गेट पुलिया, कच्ची सड़क, पीपल अड्डा, अरुणा नगर पर गंदगी के ढेर लगे दिखाई दिए। कई गलियों में पानी भर गया। शहर में दिनभर लोग तेज बारिश का इंतजार करते रहे वहीं देहात में हुई झमाझम बारिश ने किसानों की टेंशन दूर कर दी। किसान पशुपालक उदयवीर व रमेश यादव ने बारिश को मानसून की पहली अच्छी बारिश बताया। इनका कहना है कि इससे धान, मक्का आदि फसलों को खासा लाभ मिलेगा। साथ ही दुग्ध उत्पादन भी बढ़ जाएगा।
भीगे स्कूली बच्चे
रिमझिम होने के चलते छुट्टी के समय छात्र-छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ी। अधिकांश छोटे छोटे बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। इतना ही नहीं उन्हें सड़कों व रास्तों पर निकलने में परेशानी हुई। अधिकांश स्कूली बच्चो ने रिमझिम का लुफ्त उठाया।
नहर कटने से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न
जैथरा थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया में गुरुवार रात को पानी के अधिक बहाव के चलते नहर की पटरी कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। गांव के लोगों ने सुबह नहर का पानी अपने गांव गढिया के आस पास बहता देखा तो दौडकर नहर के किनारे पहुंचें। तत्काल सिंचाई विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों के सहयोग से कटान रोकने में सिंचाई अधिकारी जुटे हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि नहर के कटान से 500 बीघा मक्का, धान, बाजरा, की फसल जलमग्न हो गयी।