पालिका अध्यक्ष मुन्नी देवी ने तीर्थ नगरी की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण व सुंदरीकरण के लिए शासन से 100 करोड़ रुपये की मांग की है। कार्यों के प्रस्तावों का विस्तृत विवरण एवं मांग पत्र तैयार कर नगर विकास मंत्री को भेजा है। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने इन प्रस्तावों के लिए बजट के मांग पत्र पर अपनी संस्तुति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री त्वरित योजना के तहत मांगी गई इस धनराशि से मां हरिपदी गंगा के तटों पर सूकर क्षेत्र के इतिहास से जुड़े अस्तित्व, भगवान आदि वराह एवं उनके अवतार से जुड़ी कथा, सूर्य भगवान एवं उनके गीता ज्ञान से जुड़ी कथा, गोस्वामी संत तुलसीदास एवं उनके जीवन से जुड़ी कथा प्रतिमाओं की शक्ल में निर्मित कराई जाएगी। हरि की पैड़ी के चारों ओर रेड स्टोन से घाटों का निर्माण एवं चैन रेलिंग व सुंदरीकरण कराया जाएगा। लहरा घाट पर पक्के घाट के निर्माण, घाट तक पक्की व चौड़ी सड़क का निर्माण, यात्रियों के रुकने के लिए बड़े-बड़े प्लेटफार्म का निर्माण कराया जाएगा। लहरा से दो किलोमीटर दूर बहने वाली धारा को प्राचीन बहाव स्थल तक जोड़ना, गांव के प्रदूषित जल को शुद्ध करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिससे प्रदूषित जल हरि की पैड़ी में न जाए। विद्युतीकरण कराया जाएगा। तीर्थनगरी से लहरा तक सीसी रोड व सड़क के दोनों ओर वृक्षारोपण व पार्कों का निर्माण, करूआवारा, भागीरथी गुफा, गृद्धवट तीर्थ, चंद्रकूप, नवदुर्गा माता मंदिर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। पृथ्वीराज चौहान एवं कन्नौज के राजा के बीच हुए युद्ध के स्थल का सुंदरीकरण कराया जाएगा। पंच कोषीय परिक्रमा मार्ग का सीसी मैक्स फाल से निर्माण कराया जाएगा। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि धन के मिलते ही कार्यों को शुरू करा दिया जाएगा।