नौहझील (मथुरा)। छाता से नौहझील-बाजना होते हुए गौमत तक करीब 28 करोड़ की लागत से बनाई जा रही सड़क की गुणवत्ता की पोल पहली बारिश में ही खुल गई। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गई हैं। सबसे बुरा हाल बाजना से कोलाहर तक है।
करीब आठ साल तक गड्ढों से गुजरे लोगों को बमुश्किल से चंद दिन पहले ही अच्छी सड़क पर चलने का मौका मिला था। छाता से गौमत तक करीब 35 किलोमीटर लंबे मार्ग में आबादी क्षेत्र को छोड़ बाकी क्षेत्र में सड़क निर्माण पीडब्लूडी ने पूरा कर दिया है। लेकिन, अब तक अच्छी नजर आने वाली इस सड़क एक बरसात भी नहीं झेल सकी। इस पर जगह-जगह गड्ढे हो गए। खासकर बाजना से कोलाहर तक तो सबसे बुरा हाल है।
अलीगढ़ जिले सेे जोड़ता मार्ग
छाता से गौमत वाला यह मार्ग जिले को अलीगढ़ जिले से जोड़ता है। राजस्थान और हरियाणा क्षेत्र के बडे़ वाहन इस मार्ग से छाता होते हुए अलीगढ़ जनपद की ओर निकल जाते हैं, लेकिन पीडब्लूडी ने इसकी उपयोगिता पर फिर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।
तकनीकी जांच की मांग
सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितता की शिकायत क्षेत्रीय लोगों ने डीएम और शासन से भी की है। रालोद नेता योगेश नौहवार ने इसकी गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष चौधरी रामबाबू कटेलिया सहित भाकियू के जिला प्रवक्ता अनिल शर्मा, सुभाष नौहवार, संतोष भारद्वाज, सुशील चौधरी, रविंद्र प्रधान, जीतपाल सिंह, ब्रजेश शर्मा, शोभित चौधरी, योगेंद्र सिंह ने इसकी तकनीकी जांच कराए जाने की मांग की है।