फिरोजाबाद। दो माह की फौरी राहत के बाद एक अप्रैल से पूरे देश में एक बार फिर ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने जा रही है। व्यापारियों को 50 हजार से अधिक का माल एक राज्य से दूसरे राज्य में परिवहन करने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
केंद्र सरकार ने एक फरवरी से पूरे देश में ई-वे बिल व्यवस्था लागू की थी, लेकिन ई-वे बिल साइट नहीं खुलने से करोड़ों रुपये का माल बीच में फंस गया। उद्यमियों और व्यापारियों की समस्या को देख केंद्र सरकार ने ई-वे बिल व्यवस्था से फौरी तौर पर राहत दे दी थी थी। अब केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से दोबारा देशभर ई-वे बिल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर (सचल दल) नृपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था दोबारा लागू हो रही है। यह व्यवस्था अंतरप्रांतीय माल के परिवहन पर प्रभावी होगी।
उन्होंने बताया कि 50 हजार से अधिक का माल परिवहन करने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था प्रभावी होने से पूर्व में जारी ई-वे बिल संख्या एक, दो, तीन एवं आगमन घोषणा पत्र खत्म हो जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वह ई-वे बिल.जीएसटी.इन साइट पर जाकर अपना पंजीकरण कराएं। किसी तरह की परेशानी होने पर किसी कार्य दिवस में वाणिज्य कर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर नृपेंद्र सिंह सेंगर बताया कि इस बार लागू हो रही ई-वे बिल व्यवस्था में व्यापारियों को राहत दी गई है। पूर्व में जहां 10 किमी माल परिवहन पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य था। अब व्यापारियों को 50 किमी माल परिवहन पर ही ई-वे बिल डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा यूपी के अंदर माल परिवहन पर ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी। व्यापारी बिल और बिल्टी से माल भेज सकते हैं।