टैंटीगांव/मांट (मथुरा)। नौहझील-सुरीर मार्ग पर गांव मीरपुर के पास गुरुवार की सुबह मोपेड सवार तीन किशोरों की आलू लदी ट्रैक्टर-ट्राली से कुचलकर मौत हो गई। यह तीनों अपनी बहनों को कॉलेज छोड़ने के बाद मेला देखकर लौट रहे थे। किशोरों की मौत पर भड़के ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिए गए शवों को पुलिस से छीन लिया और सुरीर मार्ग पर शव रख कर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। मौके पर जाम से निकलने की कोशिश कर रहे लोग भी भीड़ के गुस्से का शिकार हुए।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे सुरीर कोतवाली क्षेत्र के गांव मीरपुर के पास हुआ। मोपेड सवार आकाश (14) पुत्र महेश कुमार, रतेंद्र कुमार (15) उर्फ रामू पुत्र राजेंद्र निवासी लोहई और सुरीर के नगलागढ़ निवासी मदन (16) पुत्र राजेंद्र सुबह करीब छह बजे अपनी बहनों को अपनी-अपनी बाइक से नौहझील के गांव बाघर्रा के डिग्री कॉलेज में परीक्षा दिलाने ले गए थे।
तीनों ने अपनी बहनों को कॉलेज में छोड़ा और दो बाइकें वहीं कॉलेज के बाहर खड़ी कर दीं। इसके बाद तीनों दोस्त एक ही मोपेड पर सवार होकर कोतवाली सुरीर के गांव मीरपुुर में लग रहे मेले को देखने पहुंच गए। मेला देखकर करीब नौ बजे तीनों अपनी बहनों को लेने के लिए नौहझील लौट रहे थे। मोपेड पर सवार यह किशोर जब नौहझील-सुरीर मार्ग पर मीरपुर गांव के पास पहुंचे तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही आलू से लदी ट्रैक्टर-ट्राली किसी वाहन को ओवरटेक करने के चक्कर में बेकाबू हो गई और इनकी मोपेड पर चढ़ गई। इस हादसे में मोपेड चला रहे आकाश और रतेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई जबकि मदन ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
हादसे की खबर पर मांट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर ट्रैक्टर को छोड़ने को आरोप लगाया। उधर, पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया था लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस से तीनों के शव छीन लिए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। ग्रामीणों ने तीनों किशोरों के शव पुलिस से छीन लिए और सुरीर के गांव सिकंदरपुर तिराहे पर जाकर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम से निकलने की कोशिश कर रहे लोग भी भीड़ के गुस्से का शिकार हुए। वहीं, मौके पर पहुंचे सीओ मांट विजय शंकर मिश्र और एसडीएम वरुण पांडेय के 24 घंटे में चालक की गिरफ्तारी के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए।