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विधायक का एक साल, भोगांव विधानसभा को विकास की दरकार

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सड़क।
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मैनपुरी। विधायकों का एक साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। क्षेत्र के विकास के लिए विधायक ने क्या प्रयास किए। विधानसभा में विकास कराने के लिए क्या पहल की। इसे जानने के लिए जनता उत्सुक है।
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विधानसभा क्षेत्र भोगांव की बात करें तो यहां से जनता ने भाजपा के रामनरेश अग्निहोत्री को चुनकर विधानसभा में भेजा है। रामनरेश पहली बार विधायक चुने गए हैं।

सपा की परंपरागत सीट पर उन्होंने सपा के पूर्व मंत्री आलोक शाक्य को हराया था। भाजपा के जिले में इकलौते विधायक एक साल के कार्यकाल में कोई बड़ी योजना नहीं दिला सके हैं। भोगांव विधानसभा क्षेत्र में बनने वाला ट्रामा सेंटर अभी तक नहीं बन सका है। 28 फरवरी तक विधायक रामनरेश अपनी निधि से 57.877 लाख ही खर्च कर सके।
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चुनाव के दौरान यह किए वादे
- विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिकता से सड़कें बनेंगी
- रोजगार दिलाने के लिए उद्योग स्थापित होगा
- क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त बिजली मिलेगी
- हर गांव को बिजली की सुविधा दिलाई जाएगी

विधायक निधि का लेखा जोखा
आवंटित निधि 1.50 करोड़
संस्तुति परियोजनाएं 13
स्वीकृत परियोजनाएं 13
स्वीकृत धनराशि 1.42863 करोड़
व्यय धनराशि 57.877 लाख
नोट- सभी आंकड़े 28 फरवरी 2018 तक के हैं।

राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, बीलों के निकट सिंचाई विभाग के डाक बंगले, शिकोहाबाद भोगांव राजमार्ग, छाछा आलीपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शासन से धनराशि दिलाई है। ट्रॉमा सेंटर निर्माण के लिए धनराशि दिलाने की पहल की है। सात नलकूप, पांच पुलिया, 25 नए मार्ग, सात मार्गों के चौड़ीकरण के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव दिया है।
- रामनरेश अग्निहोत्री, विधायक भोगांव

सपा शासन में विधानसभा क्षेत्र में शुरू कराए गए विकास कार्य रोक दिए गए हैं। जरूरी विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। सपा शासन में ट्रामा सेंटर का शुरू कराया गया निर्माण रुका है। विधायक निधि को विकास कार्यों में एक साल में पूरा खर्च नहीं किया गया है। भाजपा की सरकार होने के बाद भी भाजपा विधायक क्षेत्र में विकास नहीं करा पा रहे हैं।
- आलोक शाक्य, पूर्व विधायक भोगांव
हाईकोर्ट में लंबित है मामला
बेवर। सपा सरकार में जीटी रोड पर ट्रॉमा सेंटर बनवाने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी। चिह्नित भूमि पर कार्यदायी संस्था उप्र आवास एवं विकास कन्नौज ने काम शुरू कराया। 14 अगस्त 2016 को शुरू हुए निर्माण कार्य को बेवर निवासी मुन्नालाल ने हाईकोर्ट में चिह्नित जमीन को अपना बताकर याचिका दायर की। जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया।
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