मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो नए कालेजों की सौगात दी है। विश्वविद्यालय में कालेज ऑफ फिशरीज और कालेज ऑफ डेयरी साइंस के पाठ्यक्रमों की इसी सत्र से शुरुआत करने की घोषणा की।
रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी प्रतिमा का विश्वविद्यालय में अनावरण करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चेतना को जागृत करने का काम किया। उनका विचार दर्शन इसका साक्षी है कि विचार कभी मरता नहीं है। पंडित उपाध्याय ने भारत को भारत की दृष्टि से देखने की आवश्यकता जताई थी। कहा था भारत को पाश्चात्य संस्कृति की दृष्टि से देखोगे तो भारत का कल्याण नहीं होगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए फिशरीज और डेयरी साइंस के कोर्सेज शुरू करने की घोषणा की। साथ ही विश्वविद्यालय के अधीन संचालित वेटरनेरी फार्मासिस्ट और वेटरनेरी एक्सटेंशन के डिप्लोमाधारकों के लिए नियुक्ति के द्वार भी खोल दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ बिताए पलों की याद ताजा करते हुए विवि को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थापित करने को कहा। आभार पशुधन मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने जताते हुए मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनकी घोषणा के अनुरूप दो कालेजों के साथ ही विवि जल्द गो-संवर्द्धन पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेगा। इससे पूर्व पंडित उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। कुलपति प्रो. केएमएल पाठक ने स्मृति चिह्न भेंट किए।
समारोह में ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा, दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, सांसद हेमामालिनी, विधायक पूरन प्रकाश, ठाकुर कारिंदा सिंह, डा. डीसी वर्मा, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, आगरा विवि के कुलपति डा. अरविंद दीक्षित, महापौर मुकेश आर्य बंधु, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यामिनी रमण आचार्य मौजूद रहे।
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हर हाथ को काम और हर खेत को मिले पानी: राज्यपाल
राज्यपाल ने पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का लाभ देने को ठोस नीति बनाने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा। राज्यपाल राम नाईक ने अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन के बारे में बताया। कहा कि राहत के इंतजार में खड़े पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को लाभ देने के लिए सरकारों को ठोस योजना बनानी चाहिए। इसमें हर हाथ को काम और हर खेत को पानी दिलाने की योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा।
वेटरनेरी विश्वविद्यालय में राज्यापाल राम नाईक ने कहा कि झोपड़पट्टी व गांवों में रहने वाले 65 प्रतिशत लोगों के उत्थान के लिए सरकारों को योजना बनाकर लाभान्वित करना होगा। उन्होंने दीनदयालजी की 50वीं पुण्यतिथि पर गायों को किसान की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य से जोड़ते हुए उनके दर्शन पर चर्चा की।