एटा। नोटबंदी के एक साल बीत जाने के बाद भी जिले के थानों में करीब बीस लाख के पुराने नोट जमा हैं। नोट बदलने या फिर अन्य कोई तरीका निकलने के लिए थानेदार और मालखाना प्रभारी इंतजार कर रहे है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी पुलिस इसमेें कोई बदलाव होने की बात कह रही है।
केंद्र सरकार ने पिछले साल आठ नवंबर देश में नोटबंदी की थी। इसमें पुराने हजार और पांच सौ रुपये के नोट चलन पर बंदी लगाई थी। जिसे लेकर आम लोगों ने तो अपने नोट बैंक में जमा कर बदल लिए थे। लेकिन सरकारी कोष में जमा धनराशि नोटबंदी के बाद भी बदल नहीं सकी है। पता चला है कि 18 थानों में करीब बीस लाख रुपये के पुराने नोट जमा है।
इसमें से करीब कोतवाली नगर और देहात में चार लाख पुराने नोट मालखाने में मौजूद हैं। नोटबंदी के बाद भी थाने पर जमा नोटों को लेकर मालखाना इंचार्ज और थाना प्रभारी उनके निस्तारण के लिए कोई आदेश निर्गत होने का इंतजार कर रहे है। पुलिस का कहना है कि थाने पर जमा पुराने नोट बदलने या फिर उनका और तरीका निकालने के लिए कोर्ट से आदेश जारी होगा।
थाने पर रखे मालखाने में नोट घटनाओं से जुडे़ हुए हैं। इनकी पूरी लिखापढ़ी दर्ज होने वाले मामले के समय जीडी में रुपये अंकित किए जाते हैं। इतना ही नहीं बरामद होने वाले नोट के नंबर भी लिखापढ़ी में होते है। पुलिस ने बताया कि बरामद होने वाले नोटों को कोर्ट में सुनवाई के दौरान जरूरत पड़ने पर पेश किए जाते है। ऐसे में पुलिस कोर्ट की तरफ से जारी होने वाले इन नोटों से संबंधित आदेश की राह देख रहे हैं।