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स्कूली बच्चे लगा रहे खटारा बसों में धक्का

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गाड़ी में धक्का लगाते स्कूली बच्चे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। निजी स्कूलों में लगे सालों पुराने हो चुके कबाड़ वाहनों में सफर कर रहे बच्चे महफूज नहीं हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कुछ वाहन तो बच्चों के धक्कों से चलते हैं। इस ओर न तो विद्यालय प्रबंधन न ही बच्चों के परिवारीजन कोई ध्यान दे रहे हैं।
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निजी स्कूलों की मनमानी फीस का भुगतान, हर महीने किसी ने किसी कार्यक्रम के नाम पर रुपये की मांग करते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं का दावा करने वाले अधिकतर शिक्षण संस्थानों का बुरा हाल है। यह बच्चों की सुरक्षा का दावा तो करते हैं मगर बच्चों को घर से लाने ले जाने के लिए जिन वाहनों को विद्यालय में लगाया गया है। उसके बारे में शायद इन्हें कोई फिक्र नहीं है। नगला कवर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक विद्यालय में गुरुवार सुबह बेहद पुराने व कबाड़ हो चुका टेंपो जब बच्चों को स्कूल लेकर जा रहा था। तभी रास्ते में बंद पड़ गया। चालक गाड़ी से उतरा और उसमें बैठे कुछ बच्चों को बाहर बुलाकर धक्का लगाने को कहा। बच्चों ने काफी दूर तक धक्का लगाया तब कहीं जाकर टेंपो स्टार्ट हुआ। स्टार्ट होते ही तेजी के साथ टेंपो आगे की ओर बढ़ गया और बच्चे हादसे का शिकार होने से बाल बाल बच गए।

ऊबड़ खाबड़ सड़क पर दौड़ लगाकर बच्चे टेंपो में सवार हुए और बेफिक्र स्कूल चल दिए। मगर इन सबके बीच कितना बड़ा हादसा होने से बच गया। इसको लेकर चालक, स्कूल प्रबंधन और तो और बच्चों के अभिभावक को भी शायद इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता।
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