सरकारी कर्मचारियों को 2027 चुनाव से पहले केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिलने वाला है। 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों के न्यूनतम मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना है। यदि 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से दोगुना होकर 36,000 रुपये हो सकता है। यह अनुमानित वृद्धि कर्मचारियों के वेतन ढांचे में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।
फिटमेंट फैक्टर एक गणितीय संख्या है जो पुरानी मूल वेतन को नई मूल वेतन में बदलने का काम करती है। मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये को 2.0 से गुणा करने पर 36,000 रुपये का नया मूल वेतन प्राप्त होगा। हालांकि, मूल वेतन दोगुना होने का मतलब यह नहीं है कि कुल सकल वेतन भी अपने आप दोगुना हो जाएगा। वेतन आयोग लागू होने पर भत्ते बदल जाते हैं और मौजूदा महंगाई भत्ता शून्य हो जाता है। जानकारों के अनुसार, चूंकि मौजूदा महंगाई भत्ता नए ढांचे में शामिल हो जाता है, इसलिए 2.0 गुणक से मिलने वाली वास्तविक बढ़ोतरी कुल मौजूदा कमाई में सीधे 100 फीसदी की वृद्धि से कम होगी।
फिटमेंट फैक्टर, निश्चित अनुपात में वेतन वृदि्ध
फिटमेंट फैक्टर वेतन वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार होता है। यह कर्मचारियों के वेतनमान को पुनर्गठित करने में मदद करता है। इसके माध्यम से पुरानी वेतन संरचना को नई से जोड़ा जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि वेतन वृद्धि एक निश्चित अनुपात में हो। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया गया था। इसके परिणामस्वरूप न्यूनतम मूल वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था। सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 में प्रभावी हुआ था। इसके 10 साल बाद आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की कवायद चल रही है। अंतिम सिफारिशें लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना है क्योंकि नए वेतनमान के लिए यह प्रभावी तिथि है।
आठवें वेतन आयोग से अपेक्षाएं
आठवें वेतन आयोग से कर्मचारियों को काफी उम्मीदें हैं। फिटमेंट फैक्टर के अनुमान 1.92 से 2.86 या उससे अधिक तक हैं। विभिन्न अनुमानों और चर्चाओं के बावजूद, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सिफारिशें जारी नहीं की गई हैं। पिछले वेतन आयोगों के अनुभव से पता चलता है कि फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य को सीधे प्रभावित करता है। आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम वेतन अगर दोगुना होता है, तो कर्मचारियों को माैजूदा मूल वेतन और बढ़े हुए मूल वेतन में अंतर के बराबर बढ़ी हुई राशि से एरियर मिलेगा। इसका असर कर्मचारियों को मिलने वाले पेंशन व भत्तों पर भी दिखेगा। इससे देश के लगभग 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारक लाभान्वित होंगे, उनके वेतन, भत्तों और पेंशन में बढ़ोत्तरी तय माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो सरकार 2027 में होने वाले चुनावों से पहले इसपर मुहर लगा सकती है।