मथुरा। जाम के हालात सुधरने की बजाए बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को तो ऐसा जाम लगा कि हर बाजार में ट्रैफिक रेंगता ही दिखा। वाहनों की ऐसी लाइन थी कि निकलने में भी घंटों का वक्त लग गया। कोतवाली रोड, छत्ता बाजार और चौक बाजार में तो पैदल निकलने को भी जगह नहीं मिल रही थी।
लेकिन मजे की बात देखिए कि ट्रैफिक सुधार के बड़े बड़े दावे करने वाले पुलिस अधिकारियों की नींद नहीं टूट पाई। पब्लिक फंसी रही और पुलिस वाले लापता दिखे। वाकई मथुरा की यातायात व्यवस्था दिन प्रतिदिन बिगड़ रही है। पुलिस ने इस जाम से निपटने को कोई प्लान बनाया ही नहीं है। कहीं सड़क किनारे भारी वाहन खड़े हो जाते हैं तो कहीं टेंपो। नो एंट्री में भी वाहन खुलेआम घूमते देखे जा सकते हैं। सोमवार को कोतवाली रोड पर सारा दिन जाम जैसे हालात रहे।
इसकी बड़ी वजह सड़कों के किनारे खड़े वाहन और सड़कों तक फैला दुकानों का सामान था। जाम में फंसे अनुराग शर्मा ने बताया कि पुलिस कोई प्लान नहीं बना पा रही है। सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों को हटवाया जाए। पुलिस अधिकारियों की गाड़ी निकल जाएगी मगर वह किसी को टोकेंगे नहीं।
वहीं, चौक बाजार में लंबा जाम देखने को मिला। जाम में फंसे रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों की बसें भी जाम की वजह बन रही हैं। बाजारों में तो बसों की बजाए छोटे वाहन ही आने चाहिए। स्कूल वालों से भी कहा जाए कि वह छोटे वाहनों की व्यवस्था करें। छत्ता बाजार में तो पिछले तीन दिनों से जाम लग रहा है।
दरअसल सड़क किनारे केबल डालने के लिए खुदाई कराई गई है जिससे भी वाहन फंस जाते हैं। यहां जाम में फंसे गोल्डी अग्रवाल ने बताया कि मथुरा में तो ट्रैक्टर तक घुस रहे हैं। ठेलों पर सामान, सरिया, बल्लियां लादकर ढोया जाता है। जब यह ठेले भीड़भाड़ वाली सड़क पर फंस जाते हैं तो जाम लग जाता है।