फिरोजाबाद। ब्लाकों से संदिग्ध शिक्षकों की सूची आना शुरू हो चुकी है। एक ब्लाक से करीब 10 शिक्षकों की सूची आई है। उनकी शैक्षणिक योग्यता संदिग्ध है। ऐसे में शिक्षा विभाग सुनवाई लगाकर शिक्षकों का पक्ष जानेगा। जिला कमेटी शिक्षकों की सुनवाई करेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर अयोग्य लोगों ने शिक्षक की नौकरी पा ली। यह नौकरी अभी तक धडल्ले से चलती आई है। मगर योगी सरकार आने के बाद से फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होना शुरू हो गई है।
सीडीओ नेहा जैन ने सभी एबीएसए और एबीआरसी से शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शिक्षकों की योग्यता की रिपोर्ट मांगी थी। कई अन्य शिक्षक संदिग्ध बने हुए हैं।
एक ब्लाक से सूची बीएसए कार्यालय पर आ चुकी है। संभवत: उन शिक्षकों की सुनवाई के लिए आज सीडीओ से तिथि निर्धारित की जाएगी। उन शिक्षकों से जिला कमेटी सुनवाई करेगी। साथ ही उनके अभिलेख भी जांचे जाएंगे।
पढ़ाने में असक्षम शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी या फिर अभिलेखों का सत्यापन गलत पाए जाने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। शासन-प्रशासन की सख्ती से शिक्षकों में खलबली मची हुई है। बचने के लिए तरह-तरह का प्रयास कर रहे हैं।
बीएसए अरविंद पाठक ने कहा कि शिक्षकों का चिह्नांकन कराया जा रहा है। पढ़ाने में असक्षम शिक्षकों की सुनवाई जल्द होगी। अयोग्य एवं फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई निश्चिततौर पर होगी।