कासगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग की हद में 39 गांव शामिल किए जाएंगे। अब तक राजस्व विभाग ने 21 गांव का ब्योरा जिला प्रशासन और एनएचएआई को भेजा है। एनएचएआई द्वारा और भी 21 गांव के अधिग्रहण संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। लेखपालों को खसरा खतौनी के संकलन में लगाया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से ग्रामीणों में बेचैनी है।
मथुरा से बरेली के बीच बनाए जा रहे प्रस्तावित 530 बी राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। राजमार्ग के लिए अब तक 18 गांव की जमीन चिह्नित की गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने विकल्प के तौर पर 21 नए गांव का नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। अब कुल 39 गांव के राजस्व अभिलेख एकत्रित किए जा रहे हैं। इन्हीं अभिलेखों के आधार पर भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। तहसील प्रशासन द्वारा क्षेत्र के 18 गांव गोरहा, तकुआवर, देवरी, प्रहलादपुर, आनंदीपुर, होडलपुर, हिमायूंपुर, फरीदनगर, जगबतपुर, पहाड़पुर, कटरा, श्यामसर, बहादुरनगर, शाहपुरमोाफी, मल्लाहनगर, तुमरिया, सराय, जुन्नारदार, मानपुर नगरिया एवं हसनपुर व न्यौली का ब्योरा राजस्व दस्तावेजों के साथ जिला प्रशासन को भेज दिया है। एनएचएआई के पत्र पर अब 21 गांव कातौर, मोहनपुरा, टीकमपुरा, अथैया, पथरेकी, कुंवरपुर, टंडोली खालसा, टंडोली माफी, ततारपुर माफी, धनतोरिया, ज्यायुद्दीनपुर, कल्यानपुर, खेडिय़ा, तरौरा, कलौनी, रफातपुर, जकारुद्धपुर, क्यामपुर बहेडिय़ा, मामो और गोरहा के भी राजस्व दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। तहसील प्रशासन ने संबंधित गांव के लेखपाल को खसरा खतौनी संकलन के निर्देश दिए हैं। लेखपाल दस्तावेज एकत्रित करने में जुटे हुए हैं।
- 18 गांव का नक्शा तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। 21 गांव के दस्तावेजों का भी संकलन किया जा रहा है। फिलहाल 18 गांव की जमीन का अधिग्रहण होगा।
ब्रह्मानंद कठेरिया, तहसीलदार कासगंज।
जिला प्रशासन के सहयोग से कासगंज क्षेत्र के गांव का नक्शा तैयार कर लिया गया है। विकल्प के तौर पर 21 गांव के भी राजस्व अभिलेख मांगे गए हैं। 18 गांव के अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
शिवम त्रिपाठी, सुपरवाइजर, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण।