मैनपुरी। जिले में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। यही कारण है कि जिले में 422 आवेदन अभी भी लंबित पड़े हुए हैं। वहीं, दो करोड़ रुपया भी राहत कोष में पड़ा हुआ है। इससे लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि शासन की ओर से जिले में 2.30 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत जिले से वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 में 522 लोगों ने आवेदन किए थे। वहीं, शासन की ओर से 2.30 करोड़ रुपये की धनराशि भी भेजी गई। इसके बाद भी जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से लोगों को योजना का लाभ नहीं दिया गया। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि जिले में दो वर्षों के बाद भी 422 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। विभाग की ओर से अभी तक इन आवेदनों का निस्तारण नहीं किया गया है। इससे लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
अधिकारियों की उदासीनता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दो वर्षों में केवल 100 लोगों को ही राष्ट्रीय पारिवारिक योजना का लाभ दिया गया है। इनको 30 लाख रुपये की धनराशि से लाभ दिया गया। वहीं, जिले में 522 आवेदन आए थे, इसमें से 422 आवेदन अभी भी लंबित पड़े हुए हैं।लंबित पड़े आवेदनों का जल्द ही निस्तारण किया जाएगा। हमारे विभाग से सभी कार्रवाई पूरी की जा चुकी हैं, जो भी आवेदन लंबित हैं उन्हें लखनऊ से पूरा नहीं किया जा रहा है।