देहात क्षेत्र में झमाझम बारिश, शहर में बूंदाबांदी
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एटा/अलीगंज/जैथरा/सकीट/जलेसर। गुरुवार को सुबह से घुमड़ रहे बादल गांव कस्बों में जमकर बरसे, लेकिन शहर में बूंदाबांदी ही हुई। तेज हवाओं ने बादलों को उड़ा दिया। हालांकि गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत जरूर मिल गई।
जैथरा, सकीट आदि में एक घंटे की झमाझम बारिश ने नाले नालियां एक कर दिए, सड़कें जलमग्न हो गईं। चोक नाले नालियां सड़कों पर आ गए। रास्तों पर भरे पानी से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर अवकाश के समय हुई बारिश के चलते छात्र-छात्राओं को खासी परेशानी हुई। सैकड़ों बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। बारिश बंद होने के बाद भी जलभराव के चलते लोग निकल नहीं पा रहे थे। बारिश के बाद किसानों की बांझें खिल गईं। इनका कहना है कि बारिश के साथ ही मक्का की बुवाई व धान की रोपाई का काम शुरू हो जाएगा।
सकीट में भी मानसून की पहली बारिश से लोग झूम उठे। गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को सुकून मिल गया। बच्चों और किशोरों ने तो बारिश में भीगकर मानसून का स्वागत किया। नगर पंचायत के सफाई अभियान की पोल खुल गई।
जैथरा थाना क्षेत्र के गांव खिरिया निवासी किसान मौहरपाल के दो बैल झोपड़ी में बंधे थे। हवा के साथ हो रही बारिश में पेड़ छोपड़ी पर गिर गया। इससे वहां बंधे दोनों बैल दब गए। किसान के अनुसार कमर टूटने के चलते दोनों बैल उठ नहीं पा रहे।
जलेसर में मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव हो गया। बताते चलें कि कम बारिश के चलते नगर-ग्रामीण क्षेत्र में जलस्तर 40-50 से बढ़कर 70-80 फुट तक पहुंच गया है। लोगों का कहना है कि यदि इस वर्ष भी कम बारिश हुई तो पेयजल समस्या गंभीर हो जाएगी।
अलीगंज में आधा घंटे की बारिश से ही लोग खुश हो गए। वहीं वैवाहिक आयोजनों वाले घरों में अव्यवस्थाएं जरूर बढ़ गईं। कम देर की बारिश में ही सड़कें पानी से भर गईं। किसानों ने भी राहत की सांस ली है।