मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
एटा। पिछले साल से दिव्यांगों को आश्रय की व्यवस्था कराने के लिए शासन स्तर से पहल की जा रही है। हालांकि जिले में अभी तक धरातल पर आश्रय के लिए जमीन की खोज नहीं हो सकी है। सोमवार को डीएम ने सीएमओ को निर्देश देकर जिला अस्पताल में जमीन देखने को कहा। हालांकि व्यवस्था नहीं हो सकी।
जिले में मंदबुद्धि दिव्यांगजनों को आश्रय देने के लिए सरकार की ओर से भवन की व्यवस्था कराई जानी है। इसके लिए शासन से निर्देश भी आ गए लेकिन दिव्यांग विभाग की शिथिलता के कारण दो वर्ष मेें भी दिव्यांग आश्रय के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शासन की मंशा को पूरा करने के लिए डीएम अमित किशोर ने जिला अस्पताल परिसर में दिव्यांग आश्रय बनाने के लिए जमीन तलाशने की जिम्मेदारी सीएमओ डा. अजय अग्रवाल को दी। सीएमओ डा. अजय अग्रवाल सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचकर दिव्यांग आश्रय भवन बनाने के लिए जमीन का निरीक्षण किया। ओपीडी के पीछे जमीन देखी गई लेकिन दिव्यांग आश्रय भवन बनाने के लिए 400 वर्ग फुट जमीन की आवश्यकता है और यहां इतनी जमीन नहीं है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में दिव्यांग आश्रय भवन के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी के पीछे निरीक्षण किया गया। आश्रय बनाने के लिए 400 वर्ग फुट की आवश्यकता है। हालांकि इतनी जमीन मौके पर होना संभव नहीं लग रही है।
डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ