फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रय केंद्रों पर सन्नाटा, भटक रहे अन्नदाता

विज्ञापन
खुले आसमान के नीचे टैंक्टर टाली पर लदा गेहूं।
विज्ञापन
एटा। तेज धूप, गर्मी और उस पर गेहूं को बेचने की जद्दोजेहद। किसानों की सरकार के राज में किसान ही गर्मी की मार झेल रहा है। मौसम के बाद अब सरकारी तंत्र किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। किसानों से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही। जबकि केंद्रों पर दलालों का जोर है। आलम यह हो चला है कि एक महीने बाद भी किसान गेहूं बेचने के लिए भटक रहे हैं। उधर, केंद्रों पर सन्नाटा पसरे होने का शोर मचा हुआ है।
विज्ञापन

जिले में 94 सरकारी क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद की जा रही है। शासन ने जिले को गेहूं खरीद के लिए 65 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया था। बताया जाता है कि जिला लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। मगर केंद्रों पर दिख रहे नजारे बताते हैं कि दलालों का इस बार भी जोर है। आलम यह है कि केंद्रों पर किसानों को टोकन और खरीद तिथि देने के बाद भी गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है। किसान एक महीने से लगातार केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि कभी बारदाना, तो कभी भंडारण नहीं होने की बात कहकर किसानों को लौटा दिया जाता है। इधर, गेहूं खरीद बंद होने में चार दिन का वक्त रह गया है, मगर केंद्रों पर खरीद नहीं होने से किसानों की दिक्कत बढ़ना लाजिमी है। धूप में हो रही किसानों की दिक्कत से विभाग और सरकारी तंत्र को कोई सरोकार नहीं है।

केंद्रों पर खुले आसमान में भंडारण
जिले में तमाम केंद्रों पर भंडारण नहीं होने से गेहूं की बोरियां खुले आसमान के नीचे रखी जा रही है। इससे मौसम बदलने पर गेहूं को नुकसान का खतरा सता रहा है। बताया जाता है कि परिवहन व्यवस्था संभाल रहे ठेकेदारों की मनमानी से व्यवस्था बिगड़ रही है। गोदाम पर भी गेहूं का भंडारण ठीक तरह से नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

कहते हैं किसान
मैं अपना 50 क्विंटल गेहूं लेकर केंद्र के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। एक महीने से मुझे टहलाया जा रहा है।
उमाशंकर, किसान

मुझे एक महीने से केंद्र से बार-बार लौटाया जा रहा है। कभी बारदाना, तो कभी भंडारण नहीं होने की बात कहकर केंद्र से वापस कर दिया जाता है।
जमुना प्रसाद

मुझे 10जून का टोकन दिया गया था। मगर 11 जून को भी गेहूं नहीं खरीदा गया। केंद्रों पर किसानों से अभद्र व्यवहार किया जा रहा है।
सोमवती
आठ जून को गेहूं खरीदने का टोकन दिया गया था। रोज ट्रैक्टर से मंडी तक गेहूं लेकर आता हूं। अब दिन कम रह गए हैं, तो दिक्कत बढ़ रही है।
सुनहरी लाल

इनका कहना है
बारदाना और भंडारण की जगह नहीं होने से खरीद में देरी हो रही है। किसानों को लौटाया नहीं जा रहा है। केंद्र पर भीड़ रहने से खरीद में वक्त लगता है। वहीं केेंद्र पर खुले में रखे गेहूं को उठवाकर गोदाम पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन

भगवत स्वरूप, केंद्र प्रभारी

टोकन देने के बाद तय तिथि में गेहूं की खरीद नहीं करना गलत है। मामले को दिखवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रज्ञा शर्मा, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
93 केंद्र बनाए गए गेहूं खरीद कें लिए
65 हजार एमटी का मिला है लक्ष्य
87 फीसद हो चुकी है ग ेहूं की खरीद
04 दिन बाद बंद हो जाएगी खरीद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें