अप्रैल माह में ही गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। मौसम में आए बदलाव के चलते लोग दिन में तेज धूप से परेशान हो रहे हैं। सुबह से ही सूर्यदेव की तपिश ने लोगों को परेशान कर दिया है। घरों से लोग अंगोछा और चश्मा लगाकर ही निकल रहे हैं। जिला अस्पताल में गर्मी से होने वाली बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं।
तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। पारा बढ़ने के साथ-साथ लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। सुबह से सूरज की तपिश लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। लोगों को लग रहा है अभी से गर्मी का यह हाल है, तो जेठ महीने में क्या होगा? बुधवार सुबह से ही तेज तपन बनी रही। 11 बजे तक ही पारा 38 डिग्री पर पहुंच गया था। दोपहर में पारा 40 डिग्री के आसपास जा पहुंचा। ऐसे मेें तेज धूप के चलते घरों से निकलना भारी रहा। बाजारों में भी दोपहर में चहल-पहल कम रही। गर्मी बढ़ने के साथ अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। नया सत्र शुरू होने के साथ स्कूल फिर से खुल चुके हैं।
बाजार में कूलर, फ्रिज, और एसी की दुकानों और शोरूमों में रौनक बढ़ गई है। दुकानदार अशोक गुप्ता ने बताया कि अप्रैल माह में हर रोज तीन से चार पंखे और एक या दो कूलर बिकते थे, लेकिन इस बार गर्मी जल्दी पड़ने लगी है। इससे बिक्री में इजाफा हुआ है। एसी विक्रेता गौरव ने बताया कि एसी की बिक्री अप्रैल के महीने के अंत से शुरू होती थी, लेकिन इस बार गर्मी के चलते अभी से एसी बिकना शुरू हो गए हैं।
डाक्टरों ने दी बचाव की सलाह
जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू होने के साथ ही इससे जुड़ी बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। डा. मनोज गुप्ता कहते हैं कि दोपहर में घर से निकलने से बचें। धूप में निकलना हो तो पूरी बांह के सूती कपड़े पहनें। चेहरे और सिर को भी धूप से बचाएं। सुबह कुछ खाकर ही घर से निकलें। दिन में भूखे न रहें, खूब पानी पीएं। छाछ, कैरी का पना, नींबू पानी पीएं। साथ ही बासी खाना नहीं खाएं। डा. एस चंद्रा ने बताया कि तेज गर्मी में लू की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों-बुजुर्गों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
ये हैं आंकड़े (सेल्सियस में)
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2011 38 27
2012 31 22
2013 35 26
2014 38 25
2015 30 21
2016 34 17
2017 38 23
2018 40 24