एटा। प्राथमिक विद्यालयों में मॉडल शौचालयों के निर्माण का काम एक महीने में भी पूरा नहीं हो सका। सरकारी मशीनरी की अनदेखी और लापरवाही से आज भी तमाम विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में निर्देशों की हकीकत सामने आई। पूरे महीने में 644 कामों के एस्टीमेट तो बने लेकिन महज 18 शौचालय ही बन सके।
शासन के निर्देश के बाद एक महीने में प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय का निर्माण कराने के निर्देश दिए गए थे। डीएम ने अधिकारियों की तैनाती करते हुए एक महीने में स्टीमेट बनाकर शौचालय का निर्माण कराने का अभियान चलाया गया। पिछले दिनों विकास भवन में सीडीओ उग्रसेन पांडेय की अध्यक्षता में निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक में अभियान और निर्देशों की हकीकत सामने आई।
एक महीने में जिले के 1330 प्राथमिक विद्यालयों में से महज 644 विद्यालयों में शौचालय निर्माण के स्टीमेट प्राप्त किए गए। जबकि महज 18 विद्यालयों में काम पूरा हो सका। जिले के अलीगंज, जलेसर और सकीट में एक भी शौचालय बनकर तैयार नहीं हुआ। साथ ही काम में रुचि नहीं लेने पर एडीओ पंचायत जैथरा को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। अब सीडीओ ने मार्च महीने में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नौनिहाल आज भी स्कूलों के गंदे शौचालयों का प्रयोग करने को मजबूर हैं।