फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। लगातार आलू की फसल में घाटे से कर्ज में डूबे 45 वर्षीय किसान ने गुरुवार सुबह भाई के निर्माणाधीन मकान में तमंचे से गोली मार कर आत्महत्या कर ली। किसान को खून से लथपथ देख परिवार में कोहराम मच गया। आरोप है कि बुधवार को दबंग साहूकार रुपये लेने आया और बुरा भला कहा। इसके बाद से किसान ने तनाव में आकर तमंचे से गोली मार कर जान दे दी।
थाना क्षेत्र के गांव छीछामई निवासी सतीश चंद्र (45) पुत्र स्वर्गीय किशन सिंह किसान था। सतीश अपनी खेती के अलावा लगान पर खेत लेकर आलू की फसल करता था। कई सालों से आलू की फसल में घाटा होने से वो कर्ज में डूब चुका था। मृतक के भाई राजपाल की माने तो सतीश ने केसीसी से तीन लाख रुपये लोन लेने के अलावा लगभग छह लाख रुपये साहूकार से ब्याज पर लिए थे।
साहूकार का ब्याज चुकता नहीं करने से कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा था। राजपाल ने बताया कि बुधवार को दबंग साहूकार घर आया और सतीश से बुरा भला कह कर चला गया। इसके चलते सतीश तनाव में आ गया और सुबह नौ बजे बड़े भाई के निर्माणाधीन मकान में जाकर तमंचे से कनपटी में गोली मार कर जान दे दी। फायरिंग की आवाज सुन परिवार के लोग पहुंचे तो सतीश लहूलुहान हालत में पड़ा था।
परिवारीजन उपचार के लिए अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मृतक के बड़े भाई भगत सिंह ने तहरीर में आलू की फसल में घाटा होने और कर्ज में डूबने के कारण गोली मार कर आत्महत्या करना बताया है। परिवार ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।