महानगर की पुरानी आबादी वाला क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से जूझ रहा है। इसमें पुराने बस अड्डा से लेकर होली गेट, जुबली पार्क, भरतपुर गेट, छत्ता बाजार, से द्वारिकाधीश मंदिर व आसपास की गली-मोहल्ले हैं। यहां जर्जर केबिल व गले हुए पोल से बिजली आपूर्ति की जा रही है। बंदरों के उछलकूद करने आदि से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं और तार टूट जाते हैं। अब इन सभी इलाकों की बिजली की लाइन भूमिगत की जाएंगी। साथ ही सभी घरों के लिए भूमिगत एलटी लाइन बिछाकर कनेक्शन दिए जाएंगे।
कम क्षमता के ट्रांसफारमर हटाकर उच्च क्षमता के ट्रांसफारमर लगेंगे। एक्सईएन प्रथम अरविंद पांडेय ने बताया कि इंट्रीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के तहत शहर के लिए 40 करोड़ की डीपीआर मंजूर कर ली गई है। संकरी गलियों में एलटी केबिल के जरिए कनेक्शन दिए जाएंगे। मार्च माह में काम शुरू हो जाएगा