मथुरा। नए साल के जश्न के बीच जिला कारागार की 20 फुट ऊंची दीवार फांदकर तीन बंदी फरार हो गए। यह तीनों पहले बैरक की छत उखाड़कर बाहर आए और फिर दस गमछों को आपस में बांधकर बनाई गई लंबी रस्सी के सहारे दीवार से कूद गए। इनका एक चौथा साथी दीवार पर चढ़ते वक्त गिर गया जिसकी चीख से तीन बंदियों के भागने की जानकारी जेल प्रशासन को हुई। इस मामले में डीआईजी जेल ने एक मुख्य वार्डन और तीन वार्डन सस्पेंड कर दिए हैं।
घना कोहरा और नए साल के जश्न के बीच मथुरा जेल की बैरक संख्या 17 से (किशोर बैरक) तीन बंदी रविवार की देर रात करीब डेढ़ बजे फरार हो गए। इनमें आगरा के अछनेरा क्षेत्र के गांव नगला लालदास निवासी संजय पुत्र रमेश सिकरवार, एटा के जलेसर थाना क्षेत्र के हथौड़ा मोहल्ला निवासी राहुल कुशवाह पुत्र तहसीलदार और वृंदावन में किशोरपुरा निवासी कलुआ पुत्र नवाब खान है। इनका एक साथी ग्वालियर में किला गेट निवासी राहुल पुत्र जगदीश कुशवाहा दीवार पर चढ़ते वक्त गिर गया था जिसकी चीख से जेल प्रशासन को तीन बंदियों के भागने का पता चला। इन बंदियों ने पहले बैरक की छत को खोला और फिर बैरक से बाहर आ गए।
बाद में जेल की 20 फुट ऊंची दीवार को गमछे की रस्सी बनाकर दीवार पर चढ़े और फरार हो गए। राहुल भी दीवार पर चढ़ गया था लेकिन पैर फिसल जाने के कारण नीचे गिर गया। उसके पैर में चोट लगी तो चीख निकल गई। चीख सुनकर बंदी रक्षक दौड़े। घटना की सूचना पाकर डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और मुख्य वार्डन सोमवीर सिंह और वार्डन अभय राम, धीरेंद्र कुमार सारस्वत और विजय सिंह को सस्पेंड कर दिया है। पूरे मामले की जांच भी शुरू करा दी गई।