फिरोजाबाद। पालिका बोर्ड में पूर्व पालिका अध्यक्ष और तत्कालीन अधिशासी अधिकारी द्वारा कर्मचारियों की तैनाती, नाला सफाई और बकरी पैठ का ठेका उठाने में गड़बड़ी की गई। सालों बाद मामले में दर्ज हुई रिपेार्ट की जांच के लिए बुधवार को विजिलेंस टीम ने नगर निगम में दस्तक दी तो नगर निगम में हड़कंप मच गया।
नगर पालिका बोर्ड में पूर्व चेयरमैन रमेशचंद्र चंचल के बोर्ड में तैनात रहे अफसरों ने मनमाने ढंग से काम किया। शासन की अनुमति के बिना कमेटी के आधार पर 26 कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। उनका वेतन भी जारी हो गया। तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच एसडीएम सदर से कराई गई तो शिकायत सही मिली।
जांच में खुद को फंसता देख कर्मचारियों की पत्रावलियां तक गायब कर दी गई थीं। नाला सफाई अभियान के नाम पर लाखों रुपये की गड़बड़ी की शिकायत हुई थी। तीसरा मामला रसूलपुर स्थित बकरी पैठ का ठेका कम कीमत में छोड़ने की शिकायत हुई। इन्हीं तीनों मामलों में दर्ज हुए रिपोर्ट की जांच के लिए बुधवार को विजिलेंस टीम दोपहर करीब एक बजे नगर निगम पहुंची।
नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार, अपर आयुक्त प्रमोद कुमार से मुलाकात कर टीम ने मामले में दर्ज अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित रिकार्ड मांगा। कार्यालय अधीक्षक सीपी सिंह, स्टेनो हरीमोहन श्रीवास्तव ने मुकदमे में शामिल अधिकारियों की तैनाती के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई। विजिलेंस टीम ने करीब एक घंटे तक मामले में पूछताछ की।
मुकदमे में शामिल लोगों में पूर्व चेयरमैन रमेशचंद्र चंचल, रिटायर्ड ईओ एसपी दुबे, मृतक अधिशासी अधिकारी दुलीचंद्र, लेखाकार ऋषिपाल (वर्तमान हापुड़ नगर पालिका में तैनात), रिटायर्ड लेखा लिपिक उत्तम चंद्र, जेई किशोरी सिंह (वर्तमान में आगरा नगर निगम में एई के पद पर तैनात हैं)।