आगरा। सपा सरकार की एक और योजना पर ताला लटक गया है। कर्मचारी और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए कमिश्नरी में शुरू किया गया कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र बजट के अभाव में बंद हो गया है। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से ही केंद्र पर ताले लटके हैं। रखरखाव के अभाव में 35 कंप्यूटर कबाड़ा हो गए हैं।
योगी सरकार ने सपा सरकार की कई योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र इन्हीं में से एक है। अखिलेश सरकार ने अपनी लैपटॉप योजना के तहत इंटर पास तमाम छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए थे। इन्हें संचालित करने के लिए सरकार की ओर से ही 15-15 दिन के प्रशिक्षण की नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को भी कंप्यूटर के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र को और प्रभावी बनाते हुए वर्ष 2015 में इसका फिर से शुभारंभ किया था लेकिन योगी सरकार के आते ही केंद्र पर ताले लटक गए।
ये था महत्व
वर्तमान में अधिकांश सरकारी कार्य कंप्यूटर पर ही होते हैं। योजनाओं से संबंधित आए दिन नये सॉफ्टवेयर आ रहे हैं। इन पर कार्य करने के लिए वरिष्ठ कर्मचारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। प्रशिक्षण केंद्र बंद होने के बाद से प्रशासन के पास एक भी ऐसा माध्यम नहीं है, जहां कर्मचारियों को कंप्यूटर के बारे प्रशिक्षित किया जा सके। पूर्व में कर्मचारियों को यहीं पर प्रशिक्षण दिया गया था।
ये योजनाएं भी हुई बंद
सरकार के कार्यों के प्रचार-प्रसार के लिए अखिलेश सरकार में एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी।
साइकिल ट्रैक जगह-जगह से उखड़ गया है। इसकी मरम्मत के लिए भी कोई बजट नहीं किया गया।
सपा सरकार में ताज खेमा और ताज नेचर वॉक के दिन बहुर गए थे लेकिन अखिलेश सरकार जाते ही अधिकारियों ने इनकी ओर से मुंह मोड़ लिया।