मथुरा। आखिर चोटी कौन काट रहा है। क्या इसकी पीछे कोई गिरोह है या केवल अफवाह? महिलाएं तो खुद काटेंगी नहीं। चोटी तो महिलाओं का शृंगार होती है। इस समय शहर में पान की दुकान से लेकर बड़े होटल तक केवल चोटी कटने की ही चर्चाएं चल रही हैं। रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक इन्हीं घटनाओं का जिक्र है।
नंदगांव से शुरू हुईं चोटी कटने की घटनाएं अब जिले भर में हो रही हैं। बरसाना, कोसी, छाता, मांट, नौहझील, सौंख, टैंटीगांव, फरह और ओल के साथ महानगर में भी चोटी कटने के मामले सामने आ रहे हैं। खौफ जिले भर में फैल गया है। मथुरा जंक्शन पर खड़े बरेली के प्रहलाद कुमार कहते हैं कि कुछ तो होगा। यूं ही चोटी तो कटेगी नहीं। महिलाओं के लिए तो चोटी शृंगार होती हैं। विपिन कुमार ने कहा कि अफवाह उड़ती ही रहती हैं। कभी मुंह नोचने वाला आ जाता है तो कभी मूर्तियां दूध पीने लगती हैं। प्रशासन को चाहिए कि इन पर रोक लगाए। पुराना बस स्टैंड पर खड़े अलीगढ़ निवासी कविता गुप्ता तो बेहद परेशान हुए। कहा कि इस तरह की घटनाओं से हमारा समाज पीछे चला जाता है। विकास की रफ्तार भी रुक जाती है।
अब देख लीजिए मथुरा में आने वाले भक्तों की संख्या भी कम रह गई है। होलीगेट पर चाय की दुकान पर खड़े रोहित खंडेलवाल का मानना था कि हो सकता है कोई गिरोह आ गया है। तंत्र मंत्र के लिए महिलाओं के बाल काटे जा रहे हों। पुलिस को चाहिए कि हर मामले में रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाए। जब लोगों से कड़ाई के साथ पूछताछ की जाएगी तो सारा सच निकलकर सामने आ जाएगा। दुष्यंत गुप्ता ने तर्क दिया कि आप ये बताइए कि किसी बड़ी कालोनी में घटना हुई है। इस तरह की घटनाएं वहीं ज्यादा हो रही हैं जहां लोग तंत्र मंत्र के जाल में फंसते हैं। गोवर्धन चौराहे पर भी चोटी की ही चर्चा थी। पान की दुकान करने वाले प्रदीप चौहान बोले, अब तो सभी जगह कटने लगीं। पूरे ब्रज में चोटी का हल्ला हो रहा है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि अफवाह भी तो ज्यादा उड़ रही हैं। अफवाहों से भी इस तरह की घटनाएं बढ़ने लगती हैं।
भाई के घर जाने से डर रहीं बहनें
मथुरा। अफवाहें त्योहारों की भी रंगत उड़ा रही हैं । सात अगस्त को रक्षाबंधन है और 15 अगस्त को जन्माष्टमी। ब्रज के लिए दोनों ही त्योहार बड़े हैं। जिस तरह से माहौल बन गया है उससे त्योहारी सीजन की भी रंगत फीकी पड़ती नजर आ रही है। रक्षाबंधन पर बहनों का भाई के घर आना शुरू हो गया है। वह इन घटनाओं से सभी सहमी हुई हैं। रक्षा बंधन पर कई जगह मेले भी लगते हैं। लेकिन इस बार मेेलों में दुकान लगाने वाले भी परेशान हैं। उन्हें डर है कि कहीं नुकसान न हो जाए। ऐसा न हो कि खरीदारों की संख्या कम ही रह जाए। जन्माष्टमी पर तो मथुरा में देश भर से भक्त आते हैं। हालांकि जन्माष्टमी में अभी वक्त है लेकिन अगर यही माहौल बना रहा तो मथुरा में आने वाले भक्तों की संख्या भी कम ही रह जाएगी।
अफवाहों पर दौड़ती रही पुलिस
मथुरा। जिले भर में कई जगह अफवाहें उड़ती रहीं। पुलिस को कहीं से सूचना मिली कि जंगल में महिलाओं को घूमते देखा गया है जिनके पास कैंची है। यह महिलाओं के बाल काटने वाली लग रही हैं। पुलिस भी इन सूचनाओं पर दौड़ती रही। मांट, नौहझील, फरह और ओल से इस प्रकार की शिकायतें सबसे ज्यादा पुलिस के पास पहुंची। एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि हर सूचना को गंभीरता के साथ लिया जा रहा है। जहां भी किसी प्रकार की सूचना आ रही है तत्काल पुलिस पहुंच रही है। साथ ही लोगों से भी कहा जा रहा है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें।