गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव का क्रम लगातार जारी है। शुक्रवार को नरौरा से गंगा में 20 हजार अधिक क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो जाने से गंगा का जलस्तर 5 सेंटीमीटर बढ़ गया है। शनिवार को और वृद्धि होने की संभावना है। गंगा में इतने जलस्तर से बाढ़ का खतरा तो नहीं है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान के दौरान बड़ा हुआ जलस्तर खतरनाक बना हुआ है।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 162.90 मीटर से बढ़कर 162.95 के निशान पर आ गया। नरौरा से गुरुवार को 37 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह डिस्चार्ज बढ़कर 57524 क्यूसेक जा पहुंचा है। हरिद्वार और बिजनौर के डिस्चार्ज में मामूली उतार चढ़ाव जारी है। शनिवार को गंगा के जलस्तर में 10 से 15 सेंटीमीटर की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गंगा का जलस्तर इस समय साधारण बाढ़ की श्रेणी में है।
ऐसी स्थिति में तटवर्ती इलाकों के लिए बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए बढ़ा हुआ जलस्तर बड़ा खतरा है। पिछले कई दिनों से ये खतरा बरकरार बना हुआ है। तमाम सुरक्षा प्रबंधकों के साथ श्रद्धालु गंगा स्नान कर पा रहे हैं। एसडीएम बीएल सरोज का कहना है कि प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की निगरानी भी जारी है। संवेदनशील क्षेत्रों से प्रतिदिन सूचनाएं एकत्रित की जा रहीं हैं, लेकिन कहीं से कोई खास सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा पर भी प्रशासन और पुलिस का खास ध्यान है।