मैनपुरी। महिला बंदियों को जेल में मूलभूत सुविधाओं से वंचित न किया जाए। बीमारी की हालत में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। अगर वह शिक्षा पाना चाहती हैं तो जेल नियमावली के तहत ही उनको शिक्षा सुविधा दी जाए। यह निर्देश विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार सिंह ने जेल का निरीक्षण करके जेल अधिकारियों को दिए।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कार्यालय प्रभारी आराधना शर्मा, जेल विजीटर, पैनल लायर्स, महिला पैरालीगल वालेंटियर्स के साथ जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पता चला जेल में 47 महिला बंदी हैं। अधिकांश महिलाएं हत्या, दहेज हत्या, किशोरी को बहला फुसलाकर भगाने के मामले में बंद हैं, जिनमें से 40 के मामले अदालत में विचाराधीन हैं जबकि सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सचिव ने जेल में बंदियों के लिए भोजन, साफ सफाई, चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ ही महिला बंदियों से सुविधाओं के संबंध में पूछताछ की। जेल अधीक्षक हरीओम शर्मा, जेलर कुश कुमार सिंह, एससी पांडेय भी मौजूद थे।
वहीं हत्या के आरोप में जेल में रानी पत्नी मोरश्री के साथ उनकी ढाई साल की मासूम पुत्री भी बंद है। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव ने बालिका की उचित देखभाल करने तथा उसकी मूलभूत जरूरतें पूरी करने के निर्देश दिए।
उधर, जिला जेल में बंदियों को रखने की क्षमता 498 है। जबकि वर्तमान में 47 महिलाओं सहित 1026 बंदी जेल में हैं। जेल में 13 बैरक हैं जबकि 10 बैरकों का निर्माण चल रहा है।