आगरा। जिला अस्पताल में अति कुपोषित बच्चे को रक्त न उपलब्ध कराए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंच गई। जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत मिलने के बाद डीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। सिकंदरा निवासी मुकेश के चार साल के बेटे अमित अति कुपोषित था। इसे जिला अस्पताल के कुपोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। यहां भर्ती से पहले रक्त का इंतजाम कराने के लिए कहा।
ब्लड बैंक में बिना रक्तदाता के रक्त देने से मना कर दिया। पीड़ित ने समाजसेवी नरेश पारस से संपर्क किया। आरोप है कि रक्तदाता को लेकर गए थे, इसने 14 जून को कैंप में रक्त दिया था, लेकिन रक्त नहीं दिया। दूसरा रक्तदाता बुलाया, रक्तदान करने के बाद रक्त दिया गया।
जूस और बिस्किट भी खुद ही खरीदने पड़े। इधर ब्लड बैंक प्रभारी डा. नरेंद्र शर्मा का कहना है कि रक्तदाता ने कैंप में रक्त नहीं दिया था, इसके पास डोनर कार्ड भी नहीं था। थेलेसीमिया, हीमोफीलिया और जननी सुरक्षा योजना के तहत ही रक्त बिना रक्तदान के ही दिया जा सकता है।
जनरल वार्ड की बिजली गुल, मरीज बेहाल
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड की बिजली गुल हो जाने से मरीज बेहाल हो गए। गर्मी के चलते मरीज वार्ड के बाहर खुले में बैठने को मजबूर हैं। ड्रिप लगाए हुए मरीज कोई जमीन पर लेटा मिला तो कोई बैंच पर बैठ गया। मरीजों से पता चला कि दिन भर बिजली की कटौती रही है। सीएमएस डा. सुबोध कुमार ने बताया कि सप्लाई में खराबी हो गई थी। इसकी रिपेयरिंग कराई गई है। चार-पांच घंटे बिजली बाधित रही थी।