आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गड्ढा मुक्त सड़क अभियान ताजनगरी में भी ध्वस्त हो गया है। बमुश्किल 70 फीसदी सड़कें ही गड्ढा मुक्त हो पाई हैं। लोक निर्माण विभाग ने 80 फीसदी के आसपास लक्ष्य हासिल कर लिया है। वहीं, कई विभागों ने अब तक तक गड्ढा मुक्त अभियान शुरू भी नहीं किया गया है।
15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की समय सीमा गुुरुवार को खत्म हो गई। इसके साथ ही तमाम सड़कें गड्ढा मुक्त होने से रह गईं। पथरीले रास्तों पर ही ट्रैफिक दौड़ रहा है। आगरा मंडल में 5978.53 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना था। पिछले दिनों समीक्षा के दौरान पाया किया था कि 3322.76 किमी सड़कें ही गड्ढा मुक्त हो पाई। यह आंकड़ा छह जून तक का था। तब 56 फीसदी ही कार्य हो पाया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग सहित कई विभागों के कार्य में तेजी आई। इसके चलते लक्ष्य पूर्ति का आंकड़ा लगभग 70 फीसदी ही पहुंच सका। आगरा विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। हालांकि प्राधिकरण ने टेंडर जारी कर दिए हैं। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने अपना लक्ष्य पूरा कर चुका है। नगर निगम/निकाय 50 फीसदी ही सड़कों का निर्माण कर सका है। मंडी परिषद को 278.20 किमी, सिंचाई विभाग को 182.02 किमी, 116 किमी नगर निगम को सड़कें गड्ढा मुक्त करनी थी। मगर, इनमें से अधिकांश सड़क के घाव नहीं भर पाए हैं।
इनसेट
मरम्मत कार्य की भी खुल रही पोल
जिन सड़कों के गड्ढे भरे भी गए हैं, उनकी गुणवत्ता काफी खराब है। पिछले दिनों जिन-जिन सड़कों की मरम्मत की गई थी, उनमें से तमाम स्थानों की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। यह मरम्मत कार्य पिछले दिनों हुई हल्की बारिश भी नहीं झेल पाया। सरकार दावा है कि आने वाले समय भी मरम्मत कार्य जारी रहेगा। मगर, जानकारों ने इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि बारिश में मरम्मत कार्य चलाने का कोई औचित्य नहीं है।
वर्जन
सड़कों का मरम्मत कार्य सतत प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। पीडब्ल्यूडी लगभग 80 फीसदी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर चुका है।
- राजन मित्तल, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग