कासगंज। रायो की गोशाला में संरक्षित गोवंशों के मरने का मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी ने त्रिस्तरीय समिति गठित कर मामले की जांच पड़ताल कराई। त्रिस्तरीय समिति ने जिलाधिकारी सुधा वर्मा को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में 8 गोवंशों का मरना बताया गया। इसके मुताबिक 4-5 गोवंश बीमार हैं।
गोवंश 3 फरवरी की रात और 4 फरवरी को सायं मरे थे। कुल 8 गोवंशों का मरना बताया गया। इनके मरने के पीछे निमोनिया का प्रकोप बताया गया। वहीं कुछ गोवंश सांड़ के हमले में घायल हुई थीं। इसके बाद इन्होंने दम तोड़ा। सोशल मीडिया पर यह मामला काफी सुर्खियों में रहा। लोगों ने गोवंशों के मरने का कारण शासन-प्रशासन की लापरवाही बताया था। गोवंशों के मरने का यह मामला शासन तक पहुंचा। इस पर शासन ने रिपोर्ट तलब कर ली।
इसके बाद जिलाधिकारी सुधा वर्मा ने त्रिस्तरीय जांच समिति सीडीओ की अध्यक्षता में गठित की। सीडीओ सचिन के अलावा समिति में जिला कृषि अधिकारी एवं एसडीएम सहावर रहे। अपर जिलाधिकारी डॉ. वैभव शर्मा ने भी अलग से गोशाला का निरीक्षण किया। सभी अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी। जिलाधिकारी ने इस जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन को भी आख्या प्रेषित कर दी। रायो गोशाला में बीमार गोवंशों का उपचार मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर पशु चिकित्सा अधिकारी कर रहे हैं।
डीएम ने सीवीओ और ब्लॉक अधिकारी को मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
रायो सहित सभी गोशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश जिलाधिकारी सुधा वर्मा ने सीवीओ और संबंधित ब्लॉक अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोशालाओं और आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों की देखभाल सही तरह से की जाए। बीमार गोवंशों का पूरा इलाज किया जाए।
- निमोनिया व सांड़ के हमले में घायल 8 गोवंश मरे थे। जांच अधिकारियों की टीम से कराई गई है। जांच आख्या शासन को भेजी गई है। - सुधा वर्मा, जिलाधिकारी।