आगरा। करीब 75 साल पुराने और जर्जर हो चुके अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का कायाकल्प प्रोजेक्ट अलंकार से होगा। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर ऐसे 8 विद्यालयों को संवारने के निर्देश दिए।
इस प्रोजेक्ट में उन विद्यालयों को पहले चुना गया है, जिन्होंने 1 अप्रैल 2023 तक अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं और भवन जर्जर हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने बैठक में स्पष्ट किया कि 300 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कार्यदायी संस्था को जल्द एस्टीमेट तैयार कर शासन के पास भेजने के निर्देश दिए हैं।
कायाकल्प पर खर्च का 75 प्रतिशत हिस्सा शासन वहन करेगा। शेष 25 प्रतिशत धनराशि स्कूल प्रबंधन को जुटानी होगी। स्कूल प्रशासन सांसद या विधायक निधि, सीएसआर फंड या अपने पुराने छात्रों (एलुमनाई) से आर्थिक सहयोग ले सकेंगे।
-
चुने गए विद्यालय
- बजाज राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, फतेहपुर सीकरी
- जनता इंटर कॉलेज, फतेहाबाद
- जनता इंटर कॉलेज, मिढ़ाकुर
- श्री गोपीचंद शिवहरे सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज
- मुफीद-ए-आम इंटर कॉलेज
- डीएवी इंटर कॉलेज, कुंडौल
- श्री रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज, आगरा
- श्री मोती लाल इंटर कॉलेज, सैंया
ये होंगे बदलाव
स्कूलों में चहारदीवारी, आधुनिक शौचालय, स्मार्ट क्लास के लिए कक्ष, लाइब्रेरी, कॉमन रूम और प्रयोगशालाओं का निर्माण होगा। इसके अलावा पेयजल सुविधा, छत, फर्श और खिड़की-दरवाजों की मरम्मत कर उन्हें नया रूप दिया जाएगा।
बुनियादी ढांचा सुधरेगा
- प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से पुराने स्कूलों को नया जीवन मिलेगा। इससे न केवल बुनियादी ढांचा सुधरेगा बल्कि छात्रों को पढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, जिलाधिकारी