पूरे साल जितनी बारिश ताजनगरी में होती रही है, उतनी केवल जुलाई में ही हो चुकी। सावन में लगातार दूसरे दिन बुधवार दोपहर दो बजे से शाम 6 बजे तक कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। 74.6 मिमी बारिश रिकार्ड हुई तो नया रिकार्ड बन गया। इसी के साथ शहर के नाले उफन गए और सड़कें तालाब बन र्गइं। देखते ही देखते शहर लबालब हो गया। निचले इलाकों में बुरा हाल था तो पाश कालोनियों से भी पानी कई घंटों तक नहीं निकला।
बिजलीघर, आवास विकास कालोनी, साकेत कालोनी, जनता कालोनी, राजपुर चुंगी, फ्रीगंज, ताजगंज, सुभाष नगर, अलबतिया रोड, बालाजीपुरम, मारुति एस्टेट, बोदला चौराहा, शास्त्रीपुरम, कैलाशपुरी, पश्चिमपुरी, नारायण विहार, राधिका विहार, जगदीशपुरा, लोहामंडी, मदिया कटरा, सेंट जोंस, सूरसदन, गधापाड़ा, काजीपाड़ा, छीपीटोला, सुंदरपाड़ा, जयपुर हाउस, गढ़ी भदौरिया, बल्केश्वर, गांधी नगर, कमला नगर, मुगल रोड, यमुना किनारा समेत कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। वाहनों में पानी भर जाने से चालकों को दिक्कतें हुई तो वहीं हाईवे पर जाम लग गया। बिजलीघर पर पानी रात नौ बजे तक भी नहीं निकल सका था।
पानी में बहा कारोबार, उबले दुकानदार
आगरा। बिजलीघर और रोशन मुहल्ला में दुकानें ही नहीं सभी मार्केट जलमग्न हो गए। बिजलीघर चौराहे, शिवाजी मार्केट और रोशन मुहल्ला में कपड़े की दुकानों में पानी भर गया। दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ है। राजामंडी बाजार में कई दुकानों में पानी चला गया। आवास विकास कालोनी, मारुति एस्टेट, साकेत कालोनी सहित कई इलाकों में दुकानों में माल का नुकसान हुआ। शिवाजी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम भोजवानी ने बताया कि पानी रात नौ बजे तक नहीं निकल सका है। दुकानों में तीन-तीन फुट तक पानी भरा है। अब अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
यातायात व्यवस्था ठप, वाहन हुए खराब
आगरा। जलभराव की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था भी चौपट हो गई। सड़कें तालाब बन र्गईं। दोपहिया, चौपहिया वाहन खराब हो गए। लोगों को वाहन धकेलकर जलभराव से बाहर निकालने पड़े। धक्का लगाने के नाम आसपास के बच्चों को मुंह मांगे पैसे भी मिले। सीकेत कालोनी में स्कूल बस बंद हो गई। बच्चों को बारिश में भीगते हुए घर जाना पड़ा। एमजी रोड, नेशनल हाईवे, यमुना किनारा, सुल्तानगंज की पुलिया, मऊ चौराहा, भगवान टाकीज पर भीषण जाम रहा।
नाला सफाई में जुटी रही नगर निगम टीम
आगरा। जेडएसओ सीपी शर्मा ने बताया कि शहर भर में 25 सफाई निरीक्षक, सात जेसीबी, पोकलैंड, चेन मशीन लगाई गईं। जहां भी पानी रुका वहां नाले की सफाई की गई। अधिकांश शहर में बारिश समाप्त होने के करीब दो घंटे में पानी उतर गया था। बिजलीघर पर रात साढ़े आठ बजे तक पानी रहा।
यहां लोगों के घरों में भरा पानी
महावीर नाला उफनने की वजह से रोशन मुहल्ला बाजार जलमग्न हो गया। बोदला, गोकुलपुरा, नाला काजीपाड़ा क्षेत्र में हालात यह थे नाले के किनारे रहने वालों लोगों के घरों में पानी भर गया। काजीपाड़ा क्षेत्र में एक मकान धराशाई हो गया। रकाबगंज और संजय प्लेस में पेड़ गिर गए।
- उप्र टीबी डिमास्ट्रेशन सेंटर(यूपीटीडीसी) में पानी भरने से नारकीय हालत हो गए। कमरों तक भी पानी पहुंच गया। इसमें चमड़े की कतरन और नाले के कीचड़ की बदबू से और बुरा हाल हो गया। इसके अलावा एसएन के नाले के पास बने कर्मचारी क्वार्टर का भी यही हाल रहा। इनको नर्सिंग कालेज में ठहरने की व्यवस्था की गई।
बारिश में गिरा जर्जर मकान, लोग बचे
आगरा। बारिश में बुधवार को रावतपाड़ा में जर्जर मकान का एक हिस्सा गिर पड़ा। कोतवाली पुलिस ने मलबा हटवाकर रास्ता साफ कराया। मकान में कई गोदाम बने हैं। रावतपाड़ा मार्ग पर गोपालदास ने पुराना मकान तीन साल पहले लोकेंद्र यादव को बेच दिया था। इसमें कुछ व्यापारियों ने अपने गोदाम बना रखे हैं।