687 करोड़ रुपये की अघोषित आय आईडीएस-2016 के तहत कराई गई जमा
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टारगेट 500 करोड़ रुपये का मिला, लेकिन आगरा ने तिजोरियों से निकालकर काला धन जमा किया 687 करोड़ रुपये। आगरा क्षेत्र के 724 लोगों ने 30 सितंबर को खत्म हुई आय घोषणा योजना के तहत यह रकम जमा कराई है। शनिवार को रजिस्ट्रेशन की जांच के बाद दोपहर पूरा डाटा लॉक कर दिया गया।
काले धन को सामने लाने के लिए आयकर विभाग ने जून से सितंबर तक आय घोषणा योजना चलाई, जिसमें आगरा क्षेत्र के आगरा, फीरोजाबाद, झांसी, ललितपुर, मथुरा, इटावा, औरैया जिलों के 724 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराकर 687 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा किया है। 30 सितंबर की रात 12 बजे तक आयकर विभाग ने काउंटर खोले थे, जिसका उन्हें फायदा भी मिला।
आखिरी दिन 150 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराए गए। ऑनलाइन और मैनुअल रजिस्ट्रेशन कराने वालों की तादात लगभग बराबर रही। प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के नेतृत्व में रात तक अधिकारियों की टीम आफिस में ही मौजूद रही। जिन लोगों ने आय घोषणा योजना में रजिस्ट्रेशन कर यह खुलासा किया है, उन्हें अब तीन किश्तों में रकम जमा कराने की सुविधा मिलेगी। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अक्तूबर के पहले पखवाड़े में ही ताबड़तोड़ ढंग से छापेमारी की जाएगी। दिल्ली से मिले निर्देशों के तहत आयकर विभाग पूरे रीजन में जल्द ही बड़ी कार्रवाई अंजाम दे सकता है।