मैनपुरी। ढाई महीने पहले दन्नाहार थाना क्षेत्र में शराब व्यवसायी के साथ हुई लूट किसी और ने नहीं बल्कि उसके भतीजे ने ही कराई थी। भतीजे के भांजे ने अपने साथियों के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए भतीजे सहित चार आरोपियों को जेल भेजा है।
कोतवाली में शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी अजय शंकर राय ने बताया कि थाना करहल क्षेत्र गांव ककर्रा निवासी तेजवीर सिंह शराब व्यवसायी हैं। सात मार्च को दन्नाहार थाना क्षेत्र में उनके साथ लूट की वारदात हुई। पुलिस ने जांच शुरू की तो वारदात का सूत्रधार व्यवसायी के भजीते चंद्रपाल को पाया। वारदात के वक्त भतीजा व्यवसायी के साथ था और टेंपो चला रहा था। एसपी ने बताया कि भतीजे ने अपने भांजे की मदद से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने चंद्रपाल के साथ ही संदीप यादव, मुन्ना उर्फ मुनेश यादव, विनय कुमार यादव निवासीगण निवासी नगला लेखराज थाना सिरसागंज फिरोजाबाद को गिरफ्तार कर लिया। वहीं चंद्रपाल का भांजा अनिल पुत्र जगवीर सिंह उर्फ करू निवासी नगला लेखराज थाना सिरसागंज फिरोजाबाद भाग जाने में सफल रहा। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गईं दो बाइक, दो तमंचे, लूटा गया मोबाइल फोन और लूटी गई 27 हजार रुपये की धनराशि में से साढ़े आठ हजार रुपये बरामद किए। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी ओमप्रकाश सिंह, सीओ सिटी अभय नारायण राय आदि मौजूद रहे।
लूट की वारदात टेंपो की खरीद के कारण हुई। एसपी ने बताया कि व्यवसायी के भतीजे चंद्रपाल ने अपने भांजे अनिल के साथ मिलकर टेंपो खरीदा था। बाद में दोनों के बीच स्वामित्व को लेकर विवाद होने लगा। भांजा लगातार पैसा मांग रहा था। इसके चलते भतीजे ने लूट की योजना बनाई, जिसे भांजे ने अपने साथियों के साथ अंजाम दिया। लूटे गए मोबाइल की मदद से पुलिस वारदात का खुलासा करने में सफल रही। खुलासा करने में सर्विलांस और स्वाट टीम की भूमिका अहम रही।