एटा। जिले में मनरेगा योजना के तहत हुए घोटालों को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन पिछले घोटालों से सबक लेते हुए हर काम की पहले ही जांच कराने की तैयारी कर ली है। निधौलीकलां ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए गए कामों की जांच बीडीओ ने प्रस्तावित की है। तीन टीमें बनाकर पांच दिन में सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए गए थे। हर ब्लॉक में बड़े स्तर पर कराए गए विकास कार्यों में फर्जीवाड़े की जांच के लिए जिला प्रशासन ने सतर्कता दिखानी शुरू की है। निधौलीकलां ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। बीडीओ और पीडी अजय पांडेय ने इन ग्राम पंचायतों में जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है। इसमें अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के साथ सहायक विकास अधिकारी को जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही बीडीओ ने पांच दिन में कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
इन ग्राम पंचायतों में होगी जांच
बावसा, बसुंधरा, हुसैनपुर ककराला, नावली, करुआमई, मझराऊ, सुन्ना सिहोरी, जावड़ा, गहराना, शहबाजपुर, नगला बरी, गहेतु।
सकीट में सामने आया था घोटाला
पिछले साल जिले के सकीट ब्लॉक में मनरेगा योजना के तहत एक करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया था। मनरेगा में दिखाए गए काम जांच के दौरान मौके पर नहीं मिले थे। जबकि विकास कार्यों के लिए धन निकाल लिया गया। मामले में जांच के बाद तत्कालीन बीडीओ, एपीओ, लेखाकार समेत चार के खिलाफ सकीट थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
इन कामों में होता है खेल
मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में कच्चे-पक्के कामों में बड़ा खेल किया जाता है। तालाब खुदाई, चक रोड निर्माण, खड़ंजा, नाली निर्माण कागजों पर दिखाकर बंदरबांट किया जाता है।
कई ब्लॉकों में खेल की आशंका
पिछले साल जिले में सकीट के अलावा जलेसर, शीतलपुर में भी खेल सामने आए थे। जलेसर ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
इनका कहना है
ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए गए कामों की जांच के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। जिन्हें स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
अजय पांडेय, बीडीओ निधौलीकलां और पीडी
कहते हैं आंकड़े
12 ग्राम पंचायतों में कराई जाएगी जांच।
03 टीमों का किया गया है गठन।
01 करोड़ का घोटाला हुआ था सकीट में।
04 के खिलाफ दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट।