मैनपुरी/करहल। शब-ए-बरआत यानी गुनाहों से माफी मांगने की रात। इस मौके पर मस्जिदों में रोशनी की गई। लोगों ने नमाज नफिल पढ़कर अपने रब से गुनाहों की माफी मांगी। साथ ही मुल्क की तरक्की की दुआ भी की। शब-ए-बरआत पर घरों में फातिहा हुई। साथ ही रात को लोगों ने कब्रिस्तान पहुंचकर कब्रों पर रोशनी की और उनकी मगफिरत के लिए फातिहा पढ़ दुआ मांगीं गईं।
शनिवार को शब-ए-बारात के मौके पर मस्जिदों, मजारों व दरगाहों को बिजली की झालरों से सजाया गया। घरों में कई तरह के हलवे और सीरीनी बनाकर उस पर फातिहा दिलाई गई। रात में लोग कब्रिस्तान में अपने प्रियजनों की कब्रों पर गए और वहां रोशनी कर फातिहा पढ़ी। महिलाओं ने रात भर घरों में जागकर अल्लाह की इबादत की। वहीं बड़े और बच्चों ने मस्जिदों में रात भर जागकर नफिल नमाज पढ़ी और तकरीरों, कुरआन ख्वानी का सिलसिला चलता रहा। इसके सुबह फजर की नमाज के बाद अल्लाह से देश की तरक्की और अमन के लिए दुआ की।