सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग
- फोटो : अमर उजाला
सोरों। तीर्थनगरी के पुरोहित तुलसी बाबा के हक के लिए किसी भी समझौते को तैयार नहीं हैं। तुलसी की जन्मस्थली घोषित कराने के अलावा लोगों को कोई भी आश्वासन मंजूर नहीं है। आंदोलन की राह पर चल रहे पुरोहित शनिवार को तुलसीदास जी की पत्नी रत्नावली के घर पर भूख हड़ताल करेंगे। वहीं पुरोहितों ने जन्मस्थली से संबंधित तमाम साक्ष्य जुटाकर शासन को मांगपत्र भेजा है।
प्रदेश सरकार ने बांदा जिले के राजापुर को तुलसीपीठ बनाने की घोषणा कर दी है। हालांकि साक्ष्यों के आधार पर तुलसीदास जी का जन्म सोरों में हुआ था। तुलसीदास जी का हक छिनता देख पुरोहितों में आक्रोश है। सोरों के पुरोहित आंदोलन की राह पर हैं। राजनीतिक दलों की बंदिशें तोड़ पुरोहित एक मंच पर हैं। पुरोहितों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। चेतावनी दी यदि सोरों और तुलसी जी का हक न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। पुरोहित शनिवार को तुलसीदास की धर्मपत्नी रत्नावली के आवास पर भूख हड़ताल करेंगे। इसके अलावा पुरोहितों ने जन्मस्थली से संबंधित अकाट्य साक्ष्य जुटाकर शासन को भी मांग पत्र भेज दिया है।
- आज तुलसीदास जी की धर्मपत्नी रत्नावली के आवास पर भूख हड़ताल कर मांग उठाएंगे कि सोरों को तुलसी का हक दिया जाए अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सतीश भारद्वाज आंदोलनकारी।
- तुलसीजी की जन्मस्थली घोषित कराने के अलावा हमें और कुछ भी स्वीकार नहीं है। राज्य सरकार तीर्थनगरी की ओर गंभीरता से ध्यान दे।
सुरेश चंद्र त्रिवेदी।