मैनपुरी। निजी स्कूल संचालकों की मनमानी को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने डीआईओएस को निजी स्कूलों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अमर उजाला में छप रही खबरों का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी ने डीआईओएस को इस संबंध में पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने डीआईओएस जीएस राजपूत को भेजे पत्र में कहा है कि अभिभावकों का किसी प्रकार से शोषण नहीं होना चाहिए। अखबार में प्रकाशित हो रही खबरों का संज्ञान लेते हुए संबंधित स्कूलों की जांच कर उन्हें शासनादेश का पालन कराएं। यदि कहीं कोई लापरवाही कर रहा है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए। डीएम का पत्र पहुंचने के बाद डीआईओएस ने कार्रवाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मैनपुरी। निजी स्कूल संचालक अपने खुद के स्कूल वाहन संचालित कर रहे हैं। इन वाहनों का अभिभावकों से मन माफिक किराया भी वसूला जा रहा है। शहर में एक से दो किमी की दूरी पर भी 200 से 300 रुपये प्रति छात्र वसूले जा रहे हैं। जिससे अभिभावक मजबूरी में अपने बच्चों को टेंपो व मैक्स आदि वाहनों में भेज रहे हैं। जहां उनके बच्चों का जीवन खतरे में रहता है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूल बसों के लिए दूरी के हिसाब से एक निश्चित किराया तय कराया जाए। जिससे कि अभिभावकों को अतिरिक्त बोझ न झेलना पड़े।
मैनपुरी। डीआईओएस जीएस राजपूत ने जनपद के सभी सहायता प्राप्त तथा राजकीय कालेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे शासन और परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क ही छात्र-छात्राओं से वसूलें। किसी प्रकार का चंदा आदि के नाम पर छात्र-छात्राओं से फीस न वसूली जाए। यदि जांच के दौरान अवैध फीस की पुष्टि होती है तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।