वृंदावन (मथुरा)। छह माह की बच्ची गोद में लिए दर-दर भटकर रही गर्भवती विवाहिता का कहना है कि उसे ससुरालीजनों ने दहेज न मिलने पर घर से निकाल दिया है। अब पुलिस भी उसकी नहीं सुन रही है। मंगलवार को पीड़िता अपने माता पिता के साथ कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. लक्ष्मी गौतम से मिली। उन्होंने महिला आयोग से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र भेजकर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।
यमुना के पानीघाट निवासी विवाहिता का आरोप है कि दिसंबर 2016 में उसकी शादी रमन नामक युवक से सामूहिक विवाह समारोह में हुई थी। शादी के बाद से ही रमन और उसकी मां एक लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर पिछले माह पति उसे कोलकाता के पास दमदम रेलवे स्टेशन पर छोड़कर चला आया।
जैसे तैसे एक सप्ताह में वह वृंदावन पहुंची तो देखा कि पति और सास मकान पड़ोसी के हवाले कर वृंदावन छोड़कर चले गए। अब महिला को घर में भी घुसने नहीं दिया जा रहा है। पुलिस मामला कोलकाता का बताकर पल्ला झाड़ रही है।