मथुरा। निजी चिकित्सकों ने नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक 2017 को लेकर अपना विरोध जाहिर करने के लिए मंगलवार को चिकित्सकीय सेवाएं बंद रखीं। सभी क्लीनिकाें पर ताले लटके रहे। हास्पिटल और नर्सिंग होम में ओपीडी नहीं की गई। ऐसे में दूर-दराज से आए मरीज उपचार के लिए भटकते रहे।
आईएमए के बैनरतले विरोध स्वरूप मंगलवार को जिले में सभी नर्सिंग होम, हास्पिटल और क्लीनिक पर चिकित्सकीय सेवाएं ठप रहीं। नर्सिंग होम और हास्पिटलों में नए मरीजों की भर्ती नहीं की गई। चिकित्सकों की हड़ताल दर्शाते हुए मरीजों को वापस कर दिया गया। अनेक मरीजों ने चिकित्सकीय आवश्यकता को देखते हुए सरकारी हास्पिटलों का सहारा लिया।
आईएमए के सदस्य ने बैठक में संबंधित विधेयक को लेकर विरोध जाहिर किया। कहा कि इस विधेयक से प्राईवेट मेडिकल कालेजों को मिली स्वतंत्रता से गरीबों के लिए चिकित्सक बनना असंभव हो जाएगा। गरीबों के लिए उपचार मुश्किल हो जाएगा। राष्ट्रीय चिकित्सा ढांचा चरमरा जाएगा। बैठक की अध्यक्षता मुकेश जैन और संचालन आशीष गोपाल ने किया।
इस दौरान डा. बीबी गर्ग, डा. एसके जैन, डा. देवेंद्र कुमार, डा. अशोक अग्रवाल, डा. एचसी अग्रवाल, डा. सीएस गुप्ता, डा. राकेश गुप्ता, डा. राजीव अग्रवाल, डा. गौरव भारद्वाज, डा. पंकज गुप्ता, डा. अजय कुमार, डा. अनिल अग्रवाल, डा. भास्कर तिवारी, डा. नरेंद्र सिंह, डा. प्रवीन गोयल, डा. अनु गोयल, डा. संजय सूद, डा. हार्दिक जैन, डा. शशांक माहेश्वरी, डा. मनोज गुप्ता, डा. प्रदीप पाराशर, डा. धीरज छापड़िया, डा. प्रमोद गोयल, डा. एनके अग्रवाल, डा. पंकज यादव, डा. एमके तनेजा, डा. आशुतोष मिश्रा, डा. पीके गुप्ता, डा. ब्रजेंद्र तिवारी, डा. एसके अग्रवाल, डा. भारत गुप्ता, डा. प्रदीप कुमार सिंह, डा. बीपी माहेश्वरी, डा. सिद्धार्थ कुमार मौजूद रहे।