मैनपुरी। पावर हाउस कालोनी में बिजली विभाग के ठेकेदार की मौत सामान्य नहीं है। कर्जदारों के उत्पीड़न से परेशान होकर उसने खुदकुशी का फैसला लिया था। वहीं, एक साथी ने प्लाट के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए थे।
सुसाइड नोट मिलने के बाद परिवारीजनों ने एक सभासद पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। एसपी का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार शाम को पावर हाउस कालोनी में पत्नी व बच्चों के साथ रह रहे बिजली विभाग के ठेकेदार योगेंद्र सिंह का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंच गई। मगर परिवारीजनों ने शव को वहां से ले जाने से इंकार कर दिया था।
मौत को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं, कुछ समय बाद एक सुसाइड नोट मिला। इसमें आत्महत्या की वजह सामने आ गई है। मृतक ने अपने एक मित्र सभासद को आठ लाख रुपये दिए थे। सभासद ने उसे ढाई लाख रुपये दो फीसदी ब्याज पर दिलाए थे।
इसका वह ब्याज भी दे रहा था। मगर तीन महीने तक वह ब्याज नहीं दे सका। इससे कर्जदार उत्पीड़न करने लगे। जब उसने सभासद को प्लाट के लिए दिए गए आठ लाख रुपये मांगे तो उसने भी 10 प्रतिशत ब्याज पर लिए थे। सभासद ने भी रुपये लौटाने से साफ इंकार कर दिया।
कहा कि उसने कोई रुपया नहीं दिया है। एक ओर विश्वास में दगा और दूसरी ओर कर्जदारों के उत्पीड़न से परेशान होकर आखिरकार शुक्रवार शाम को योगेंद्र ने कमरे में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एसपी राजेश एस का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
सभासद के विरुद्ध दर्ज हुआ मुकद्मा
मैनपुरी। पावर हाउस निवासी बिजली विभाग के ठेकेदार द्वारा आत्महत्या के मामले में पुसिल ने सभासद के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक योगेंद्र सिंह के पास मिले सुसाइड नोट में आवास विकास के सभासद विश्वनाथ यादव पर लिए गए लाखों रुपये वापस न किए जाने का आरोप लगाया गया था। वहीं सूदखोराें द्वारा उत्पीड़न किए जाने की बात भी कही गई थी। देर शाम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में दिखी बेबसी
मैनपुरी। ‘मैं अब खुद को खत्म कर रहा हूं। मेरी एक गलती ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर कर दिया है। मैंने अपनी जिंदगी में बहुत आफत झेली है। जब थोड़ा सुकून मिला तो कुछ पैसा कमा लिया। कुछ करना चाहा कि मेरे बच्चे परेशान न हों, लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि जिन लोगों पर मैंने विश्वास किया है, वो मेरे साथ दगा करेंगे।’
ये शब्द पावर हाउस कालोनी में रह रहे योगेंद्र सिंह यादव ने खुदकुशी करने से पूर्व सुसाइड नोट में लिखे हैं। योगेंद्र ने लिखा कि अगर मैं किसी से कहता तो कोई विश्वास नहीं करता। रुपये देते समय कोई लिखापढ़ी नहीं की थी।
हत्या भी कर सकता था मगर सोचा कि फिर परिवार भटक जाएगा। इन सभी बातों को सोचने के बाद आखिरकार खुदकुशी का रास्ता चुना। सोसाइड नोट पढ़ने के बाद पत्नी व सात वर्षीय पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं दो वर्षीय मासूम पुत्र को पता ही नहीं की उसने पिता को खो दिया है।