एटा। बिजली, सड़क और पानी, मौजूदा दौर में तीनों जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं, लेकिन जिले में एक तबका ऐसा भी है, जो इनके लिए तरस रहा है। बात कर रहे हैं कांशीराम कालोनी की। जहां लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सरकार से लेकर अधिकारियों तक किसी को कालोनियों की सुध लेने की फुरसत नहीं है।
जिले में छह साल पहले बसपा सरकार में कांशीराम कालोनियों का निर्माण कराया गया था। जिले में जीटी रोड, कासगंज रोड पर आवासों का निर्माण कराया गया। जैसे-जैसे वक्त बदला कांशीराम कालोनियों का हाल बिगड़ता चला गया। आलम यह है कि अब कालोनियों में बने मकानों का हाल बदतर हो गया है।
छत से पानी टपकता है और मकान दरकने लगे हैं। इसके साथ ही कालोनी में लगा ट्रांसफार्मर बीते 15 दिनों से फुंका पड़ा है। वहीं कूड़े के ढेर पर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। कई बार सफाई कर्मी की तैनाती को लेकर लोगों ने प्रशासन से मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आलम यह है कि तमाम लाभार्थी अपने आवास को छोड़कर पलायन कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि सरकारें बदलती रहीं, लेकिन समस्याएं कम नहीं हुई हैं। लोगों की परेशानी से प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है। जल्द ही सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।
इनका कहना है
कांशीराम कालोनी की समस्याओं को दूर कराने के प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
लोकेंद्र सिंह, ईओ नगर पालिका