आगरा। सूबे के राज्य पक्षी सारस की शीतकालीन गणना ने प्रकृति प्रेमियों को खुश होने का मौका दिया है। एक साल में चंबल सेंक्चुरी क्षेत्र के पक्षी विहारों में सारस की संख्या दो गुनी हो गई है।
इस साल 204 सारस पक्षी विहारों में पाए गए, जबकि बीते साल इनकी संख्या महज 108 थी। उत्साहजनक पहलू ये है कि अवयस्क सारसों की संख्या बीते साल आठ के मुकाबले इस साल 45 हो गई है।
वन विभाग ने 15 और 16 दिसंबर को शीतकालीन सारस गणना कराई थी। राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट के तहत आगरा में सूर सरोवर पक्षी विहार, एटा में पटना पक्षी विहार, मैनपुरी में समान पक्षी विहार और चंबल सेंक्चुरी क्षेत्र में सारसों की गणना की गई।
वन अधिकारियों की टीमों ने जीपीएस रीडिंग और फोटो के साथ सारस गिने। इनमें पहली बार कीठम झील में 9 सारस नजर आए तो वहीं चंबल सेंक्चुरी में दो दिनों में एक भी सारस नजर नहीं आया। मैनपुरी के समान पक्षी विहार में अवयस्क सारसों की संख्या बढ़ी।
मैनपुरी और एटा में प्रदेश में सबसे ज्यादा संख्या में सारस पाए जाते हैं। उप वन संरक्षक संजीव कुमार के मुताबिक सारसों की नई गणना ने विभाग को उत्साहित किया है। सारसों की संख्या में बढ़ोतरी से इस क्षेत्र में ईको टूरिज्म और अन्य पक्षियों के प्रवास की भी संभावनाएं बढ़ेंगी।